मच्छरों से परेशान हैं ग्रामीण

 

 

नहीं हो रहे मच्छरों के शमन के उपाय

(ब्यूरो कार्यालय)

छपारा (साई)। मॉनसून की तेज बारिश के बाद अब मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है, जिससे मच्छर जनित रोगों से संबंधित बीमारियों के फैलने की आशंकाएं बलवती हो रही हैं। इस मामले में ग्राम पंचायत और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही उदासीनात्मक रवैया अपनाये हुए हैं।

बारिश का पानी गली मोहल्लों, खाली पड़े भूखण्डों के साथ ही साथ सरकारी और गैर सरकारी भवनों की छतों पर रखे कबाड़ में भर चुका है। इन परिस्थितियों में मच्छरों के प्रजनन के लिये माकूल माहौल तैयार हो चुका है। इसके चलते शाम ढलते ही मच्छरों की फौज लोगों को हलाकान करती नज़र आती है।

मच्छरों से निपटने में मलेरिया विभाग भी संजीदा नज़र नहीं आ रहा है। मच्छरों के शमन के लिये दवाओं का छिड़काव न किये जाने से मलेरिया, चिकन गुनिया, डेंगू जैसे रोगों का खतरा बढ़ गया है। स्थान – स्थान पर मच्छरों के लार्वा पनप रहे हों तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिये।

वार्ड क्रमाँक-9 की पंच सुश्री नीतू विश्वकर्मा ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि स्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत के द्वारा जमकर लापरवाही बरती जा रही है। वार्डांे में स्थान – स्थान पर पानी भरा है। गंदगी के कारण मच्छरों की तादाद अत्याधिक बढ़ गयी है जिससे मच्छर जनित बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत व स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में तत्काल पहल करना चाहिये।

गौरतलब होगा कि ग्राम पंचायत में साफ – सफाई की यह स्थिति तब है जब लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक सफाई कर्मी हैं। उधर इस मामले में स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय – समय पर अमला ग्रामों का भ्रमण कर लोगों को समझाईश देने के साथ ही दवाओं का वितरण भी किया जाता है।स्वास्थ्य विभाग के द्वारा भी ग्राम पंचायत को नियमित सफाई करना चाहिये जैसी बातें कहकर अपना पल्ला झाड़ा जा रहा है।