पर्यटन के नक्शे में आने को आतुर भीमगढ़

 

 

जिला कलेक्टर ने किया भीमगढ़ बांध का निरीक्षण, टटोली संभावनाएं

(फैयाज खान)

भीमगढ़ (साई)। जिले की प्रमुख पहचान में शामिल एशिया के पहले मिट्टी के डैम को एक पर्यटन स्थल के रुप में विकसित करने के लिये अब प्रयास किये जा रहे हैं। संवेदनशील जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह भी इसके लिये संजीदा ही नज़र आ रहे हैं। उनके द्वारा ब्रहस्पतिवार को भीमगढ़ बांध का निरीक्षण भी किया गया।

सोशल मीडिया फेसबुक पर बने कलेक्टर सिवनी पेज में जिला कलेक्टर के हवाले से लिखा गया है कि जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के द्वारा ब्रहस्पतिवार को भीमगढ़ बांध का अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने जल भराव की क्षमता के अनुरूप जलभराव के उपरांत विभागीय अधिकारियों से इसकी जानकारी प्राप्त की।

इस पेज पर लिखा गया है कि जिला कलेक्टर के द्वारा भीमगढ़ बांध को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं और विभागीय निरीक्षण भवन के कायाकल्प को लेकर अधिकारियों का दिशा निर्देश भी दिये गये।

गौरतलब होगा कि छपारा क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बांध स्थित होने के चलते सिवनी जिले का महत्वपूर्ण स्थान है। कुछ साल पहले यहाँ मिट्टी के डैम के गेट एवं अन्य कार्य किये गये थे, जिसमें रंगरोगन भी करवाया गया था। इसमें रबर पेंट वा रबर शील आदि कई तरह के कार्य करवाये गये थे।

गौरतलब होगा कि यह कार्य प्रत्येक सात वर्ष में एक बार होना अनिवार्य होता है लेकिन यह कार्य 10 वर्षों बाद करवाया गया था। इसके बाद भीमगढ़ बांध की सुरक्षा और अन्य मामलों को लेकर विभाग ने मौन ही साध लिया था।

विभागीय अधिकारियों के बीच चल रहीं चर्चाओं के अनुसार जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के द्वारा भीमगढ़ बांध की ओर ध्यान दिया जाना वास्तव में सुखद संकेत है। इसके पहले के जिलाधिकारियों के द्वारा भीमगढ़ बांध को बिसार ही दिया गया था। अब भीमगढ़ बांध के कायाकल्प की उम्मीद बंधती दिख रही है। अधिकारियों का कहना है कि भीमगढ़ का निरीक्षण बंगला अगर सुधार दिया जाये और बांध में वोटिंग या क्रूज आरंभ कर दिया जाये तो बांध में पर्यटकों की संख्या में तेजी से इजाफा हो सकता है।