अफ्रीकी देशों पर चीन की नजर

 

 

 

 

भारत भी रणनीतिक संबंधों पर दे रहा जोर

(ब्‍यूरो कार्यालय)

नई दिल्‍ली (साई)। अफ्रीकी देशों के साथ भारत के सैन्य संबंधों में मजबूती की दिशा में भारत कदम बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में गृहमंत्री राजनाथ सिंह रविवार को बतौर रक्षा मंत्री पहले विदेश दौरे पर मोजाम्बिक रवाना होंगे।

अफ्रीकी राष्ट्रों के साथ चीन लगातार अपनी रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने पर जोर दे रहा है। चीन के प्रभाव को देखते हुए भारत भी अफ्रीका के अपने सहयोगी मित्र राष्ट्रों के साथ रणनीतिक संबंधों पर जोर दे रहा है। रक्षा मंत्री मोजाम्बिक के राष्ट्रपति, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री के साथ विभिन्न मुद्दों पर लंबी बातचीत करेंगे।

रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण 2 अफ्रीकी देशों की यात्रा पर प्रेजिडेंट

प्रेजिडेंट रामनाथ कोविंद बेनिन और गैम्बिया की यात्रा पर रविवार को रवाना होंगे। राष्ट्रपति की इस यात्रा का उद्देश्य पश्चिमी अफ्रीका के विकास और सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है। इन दोनों ही देशों का अटलांटिक क्षेत्र में कूटनीतिक और सामरिक दृष्टि से बहुत महत्व है। अटलांटिक क्षेत्र में अपनी पहुंच बढ़ाने के साथ ही समुद्री डाकुओं से निपटने के लिए भी भारत के लिए यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है।

अफ्रीकी राष्ट्रों के साथ कूटनीतिक संबंध पर भारत का जोर

बेनिन का भारत अभी सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है। चारों तरफ से लैंड लॉक सब-सहारन क्षेत्र में बेनिन ही भारत का प्रवेश द्वार है। गैम्बिया में संसद का निर्माण भी भारत की ओर से ही किया गया है और कई वरिष्ठ अधिकारियों की ट्रेनिंग भारत में ही की जाती है। अफ्रीकी देशों के साथ भारत कूटनीतिक संबंधों पर लगातार जोर दे रहा है।

चीन की नजर अफ्रीका की खनिज संपदा पर

चीन एशिया ही नहीं अफ्रीकी देशों के बीच भी अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश में जुटा है। चीन अपने महत्वाकांक्षी वन बेल्ट वन रोड परियोजना के साथ ही अफ्रीकी राष्ट्रों के साथ अपने संबंध विस्तार में जुटा है। चीन अपने न्यू ग्रेट ग्रेमके तहत अफ्रीका में अपनी धमक बढ़ाने पर जोर दे रहा है। अफ्रीका खनिज और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर महाद्वीप है और चीन अपनी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए इन प्राकृतिक संसाधनों पर नजर जमाए है।

अफ्रीकी राष्ट्रों के साथ पुराने संबंधों को मजबूत कर रहा भारत

अफ्रीकी राष्ट्रों के साथ भारत की आर्थिक और सैन्य समझौतों में चीन जैसी महत्वाकांक्षा नहीं है। हालांकि, नई दिल्ली खास तौर पर अफ्रीकी राष्ट्रों के साथ अपने पुराने संबंधों को मजबूत करने में जुटा है। मोजाम्बिक के साथ ही भारत बोत्सवाना, इजिप्ट, केन्या, लिसोथो, मोरक्को, नामीबिया, रवांडा, तंजानिया, यूगांडा और जाम्बिया जैसे देशों के साथ सैन्य समझौतों को मजबूत कर रहा है।