हत्या के आरोपियों को हुआ आजन्म कारावास

 

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (साई)। रिश्तेदारों के बीच खेत से होकर बैलगाड़ी के आने – जाने की बात पर हुए विवाद में हुई एक हत्या के मामले में माननीय न्यायालय के द्वारा हत्या के आरोपियों को आजन्म करावास की सजा सुनायी गयी है।

अभियोजन कार्यालय के मीडिया प्रभारी मनोज सैयाम ने बताया कि 30 नवंबर 2014 को माटीवाड़ा निवासी जयनाथ सिंह बघेल के द्वारा पुलिस को बताया गया कि उनके चचेरे भाई मनोज ने बताया कि शाम को उनका भाई पप्पू उर्फ नरोत्तम बघेल बैलगाड़ी लेकर खेत गया था। यह बैलगाड़ी जब वापस घर आयी तो उसमें पप्पू, मृत अवस्था में पड़ा हुआ था।

उन्होंने बताया कि जयनाथ सिवनी में काम करते हैं और इस घटना की सूचना मिलते ही वे माटीवाड़ा पहुँचे। उन्होंने पााया कि उनके भाई के सिर पर गहरा घाव लगा था और उससे खून बह रहा था। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका खेत मुंगवानी ग्राम में सिमरिया घाट पर है।

उन्होंने बताया कि उनके खत से उनके चाचा नारायण बघेल का खेत लगा हुआ है। उनके खेत के लिए आने जाने के लिए चाचा के खेत से होकर जाना पड़ता था। उनके चचेरे भाई रामकृष्ण, कृष्ण बिहारी, चाची नाई बाई के साथ उनका विवाद लंबे समय से इसी बात को लेकर चल रहा था।

उन्होंने बताया कि जयनाथ ने इस बात की शंका व्यक्त की थी कि इन्हीं लोगों के द्वारा पुरानी रंजिश के चलते पप्पू को मारा गया है और अपराध छुपाने के लिए उन्हीं के द्वारा पप्पू को मृत अवस्था में बैलगाड़ी में डालकर रवाना किया गया है। पुलिस के द्वारा आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए इसकी तफ्तीश की गयी।

यह मामला तृतीय अपर सत्र न्यायधीश संदीप श्रीवास्तव के समक्ष पेश किया गया। इस मामले में अतिरिक्त लोक अभियोजक नेतराम चौरसिया, सहायक लोक अभियोजन अधिकारी नवल किशोर सिंह के द्वारा गवाह और सबूत पेश किए गए। माननीय न्यायालय के द्वारा आरोपियों नारायण सिंह बघेल, कृष्ण बिहारी बघेल, राम कृष्ण बघेल तथा नानी बाई को हत्या का दोषी मानते हुए, उन्हें उम्र कैद की सजा सुनायी है।