35 साल पुरानी यादें की साझा

 

 

मिशन स्कूल के 1984 में मेट्रिक करने वाले मित्र जुड़े पेंच में

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। यार तू तो बहुत मोटा हो गया . . ., तेरे तो सारे बाल ही झड़ गये . . ., तू बिल्कुल नहीं बदला . . . जैसे जुमले 27 एवं 28 जुलाई को पेंच के एक रिसोर्ट में जमकर गूंजे। मौका था अपने दामन में गौरवशाली इतिहास संजाने वाले मिशन उच्चतर माध्यमिक शाला सिवनी के 1984 में मेट्रिक (ग्यारहवीं) कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के रीयूनियन का।

प्राप्त जानकारी के अनुसार लगभग पाँच सालों से 1984 में मेट्रिक करने वाले विद्यार्थी, हर साल पेंच में जुलाई माह में ही एकत्रित होते हैं। इन लोगों ने बताया कि साल भर जीवन की आपाधापी में व्यस्त रहने के उपरांत साल में एक दिन पुराने मित्रों के साथ एक दिन बिताने का मौका अगर मिले तो यह स्वर्ग में रहने जैसा ही माना जायेगा।

उन्होंने बताया कि पेंच नेशनल पार्क तो सभी ने कई बार घूमा होगा, पर जब पेंच पार्क बंद हो जाता है तब पेंच के रिसोर्ट्स भी किफायती दरों पर मिल जाते हैं। इसीलिये पेंच पार्क के वर्षाकाल में बंद होने के उपरांत इन सभी ने एक रात और दो दिन साथ – साथ रहने का फैसला लिया था। यह इनके रीयूनियन का छटवां साल था।

इस दौरान अनिल श्रीवास्तव, युगल पाण्डेय, मनीष राव भोसले, अजय सिंह राजपूत, प्रदीप उपाध्याय, पियूष कौशल, शशिकांत हरडे, आशीष कौशल, राजेश घरोटे, मनोज जैन, संजय उपाध्याय, राजीव मिश्रा, अजय शैण्डे, संजय तिवारी (रेल्वे जबलपुर), संजय चौहान, राजेश अनवेकर, नितिन कोन्हेर, सुधीर शर्मा, अजय राय, ऑरिंजय दयाल, मनीष खण्डेलवाल, मनीष पण्डया, राजेश गुप्ता, राजा गौतम, मुकेश चौरसिया, कृष्णकांत हेडाऊ, सुरेंद्र जैसवाल, लिमटी खरे आदि इसमें शामिल हुए और पैंतीस साल पुरानी 1984 की यादें ताजा कीं।

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