भोपाल फोरलेन के पहले हिस्से में लगाए जाएंगे 40 हजार पौधे

 

 

 

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। जबलपुर-भोपाल एनएच-12 के पहले हिस्से में जल्द ही पौधारोपण अभियान शुरू होगा। इस फोरलेन सड़क के दोनों ओर भेड़ाघाट बाईपास चौक से शहपुरा, बेलखेड़ा होकर हिरन नदी (नरसिंहपुर सीमा) तक 40 हजार विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। मप्र सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने इस काम की जवाबदारी यह सड़क बनानेवाली कंपनी को सौंपी है।

जबलपुर-भोपाल सड़क एनएच-12 को दो लेन से फोरलेन में तब्दील करने का काम ईपीसी के तहत 5 हिस्सों में किया जा रहा है। केन्द्र ने इस सड़क के पहले हिस्से में भेड़ाघाट बाईपास चौक से भेड़ाघाट, शहपुरा भिटौनी, बेलखेड़ा होकर हिरन नदी (नरसिंहपुर सीमा) तक कुल 60 किमी. लंबी सड़क बनाने का काम बागड़ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि. राजस्थान को दिया है। इस कंपनी को यह फोरलेन बनाने के साथ ही निर्माणकार्य करने के लिए काटकर हटाए गए वर्षों पुराने पेड़ों के बदले में 10 गुना नए पेड़ लगाने का काम भी करना है।

तीसरी कंपनी कर रही काम

एमपीआरडीसी ने जबलपुर-भोपाल सड़क को दो लेन से फोरलेन में तब्दील करने का तीसरी बार ठेका दिया है। इसमें पहला ठेका रशियन कंपनी ट्रांसटाय को दिया गया। यह कंपनी वित्तीय प्रबंधन करने में नाकाम रही, जिससे ठेका निरस्त हो गया। फिर यह फोरलेन सड़क बनाने का एमबीएल प्रालि. दिल्ली को ठेका मिला। यह कंपनी काम शुरू करके उसे पूरा नहीं कर पाई। यह सड़क बनाने का तीसरा ठेका बागड़ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रालि. राजस्थान को मिला। यह कंपनी लगातार काम पूरा करने में जुटी है।

पुराने पेड़ काटे, लकड़ी गायब

शासन ने जबलपुर-भोपाल सड़क की चौड़ाई बढ़ाने वर्ष 2011-12 में इसके दोनों किनारों की जमीन का अधिग्रहण किया। इस दो लेन सड़क को फोरलेन बनाने हजारों की तादाद में वर्षों पुराने पेड़ों को काटकर हटाया गया। इन पेड़ों की लकड़ी की नीलाम नहीं की गई। तो वर्तमान में एमपीआरडीसी या वन विभाग के पास इस लकड़ी का कोई स्टॉक नहीं है। पुराने पेड़ों की लकड़ी गायब होना समझ से परे है।

डिवाइडर पर लगेंगे आकर्षक पौधे

जबलपुर-भोपाल फोरलेन के मीडियन (डिवाइडर) पर आकर्षक पौधे लगाए जाएंगे। इसमें फोरलेन सड़क पर करीब साढ़े 4 लाख पौधे लगाए जा सकते हैं। यह सभी पौधे अतिरिक्त रूप से लगाए जाएंगे, जिनकी ऊंचाई 2 से 4 फीट तक ही होगी।

तय समय में नहीं बनेगी सड़क

एमपीआरडीसी ने ठेका कंपनी को यह सड़क बनाने 24 माह का समय दिया है। इस कंपनी ने जनवरी 2018 से फोरलेन बनाने का काम शुरू किया, जो अब तक जारी है। बावजूद इसके जनवरी 2020 तक यह फोरलेन तैयार होने की उम्मीद नहीं है।

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