चार महीने से नहीं मिला शिक्षकों को वेतन

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। बिना वेतन चार महीने से शिक्षक सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के साथ ही किताब-साइकिल वितरण, शाला सिद्धी, दक्षता उन्नयन, प्रवेश प्रक्रिया व अन्य कार्य कर रहे हैं। ऐसे में भी जब अफसरों से वेतन दिलाने के बजाये निरीक्षण में कमियां निकाली जायें और कार्यवाही का डर दिखाया जाये, तो शिक्षकों का नाराज होना कोई हैरानी की बात नहीं।

ऐसा ही कुछ इन दिनों आदिवासी विकासखण्ड लखनादौन में देखने को मिल रहा है। आक्रोशित शिक्षक स्कूलों के बाहर नारेबाजी कर रहे हैं। आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल दरगड़ा में ऐसी ही स्थिति देखने को मिली।

आक्रोशित अध्यापक संवर्ग ने आहरण संवितरण अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि जनशिक्षा केन्द्र नागनदेवरी के अंतर्गत कार्यरत अध्यापक संवर्ग का वेतन माह अपै्रल 2019 से वर्तमान माह तक अप्राप्त है। वेतन न मिलने के कारण आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले समय में रक्षाबंधन त्योहार होने के कारण मानसिक परेशानी सहनी पड़ रही है। ऐसी स्थिति में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।

बताया कि अध्यापकों को जानकारी मिली है कि 01 अगस्त को अध्यापकों के वेतन भुगतान के लिये आवंटन प्राप्त हुआ था। जिन आहरण संवितरण अधिकारी द्वारा समय पर बिल लगा दिये गये थे, उतने वेतन एवं एरियर का भुगतान ही हुआ है, किंतु इस कार्यालय में पदस्थ लिपिक की लापरवाही के कारण संकुल केन्द्र के वेतन बिल नहीं लग पाए, इस कारण से सम्पूर्ण अध्यापकों की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अध्यापक सत्यैन्द्र सिरवैया, धनीराम पटेल, नरेश मिश्रा, घनश्याम श्रीवास्तव, आनंद मिश्रा, गेंदलाल तामेश्वर सहित जनशिक्षा केन्द्र नागनदेवरी के करीब आधा सैकड़ा अध्यापकों ने कहा कि हम में किसी भी शिक्षक ने कई दिनों से लिपिकों को कार्यालय में नहीं देखा है। लिपिक पर कार्यालयीन कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हीं कारणों से सेवा पुस्तिका, एनपीएस, पासबुक का संधारण नहीं होने, एम्पलाई कोड जारी नहीं हो पाए हैं।