मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती

 

(ब्यूरो कार्यालय)

बरघाट (साई)। कहते हैं कि जब इरादे नेक और मेहनत कड़ी हों तो सपनों को हकीकत में बदलते देर नहीं लगती। उसी सपने को शेफ जीत सूर्यवंशी ने हकीकत कर दिया जब सिवनी जिले के छोटे से गाँव लुंगसा के,एक साधारण परिवार के लड़के ने शेफ बनने का सपना देखा।

परिवार में सभी ने काफी समझाया रास्ते में काफी मुश्किलें भी आयीं पर वह इरादे का पक्का था और संघर्षों के आगे झुकने को तैयार नहीं था। तमाम मुश्किलों के बाद आज वह भोपाल के जागरण लेकसिटि यूनिवर्सिटी में शेफ इंस्ट्रक्टर के रुप में कार्यरत हैं।

काफी मुश्किल थी ये डगर : लुंगसा बरघाट के रहने वाले शेफ जीत के इस डगर में काफी मुश्किलें थीं। घर में परिवार के सदस्य उनके इस फैसले से खुश नहीं थे और कई बार घरवालों ने उन्हें इस राह को छोड़ने को कहा परन्तु उनकी जिद के आगे वे भी हार गये और इंदौर के आइपीएस अकेडमी से होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने भेज दिया पर परिस्थतियाँ थी कि जीत का दामन पकड़े हुए थीं।

होटल मैनेजमेंट के पढ़ाई के दौरान उनका बैंक लोन केंसिल हो गया जिसके बाद फीस न देने की असमर्थता के कारण काँलेज ने उन्हें बाहर निकाल दिया। कॉलेज के छूट जाने के बाद वे ढाबों में हेल्पर के रुप में कार्य करने लगे जहाँ उनकी मुलाकात शेफ राज कुमार से हुई जिन्होंने उन्हें अपने साथ होटल इंडस्ट्री में जोड़ा। होटल इंडस्ट्री में आने के बाद भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा तथा खुद से ही धीरे – धीरे नये डिशेस सीखने की कोशिश की।

माँ बनी प्रेरणा : अपने सफर को याद करते हुए शेफ जीत कहते हैं उन्हें माँ से ही शेफ बनने की प्रेरणा मिली। माँ ने ही मुझे खाना बनाने की बारीकियों से रुबरु कराया जिन्होंने मेरी हर वक्त मदद की और उनकी ही प्रेरणा मैंने यह राह चुनी।

ये पल था काफी खूबसूरत : होटल इंडस्ट्री में काम करने के बाद वर्ष 2017 में जब भोपाल जागरण लेक सिटी में चुना गया तो काफी खुशी मिली। इस यूनिवर्सिटी में आने के बाद उनका एक सपना था कि पे यूनिवर्सिटी के ओनर को एक बार जरुर बना के कुछ पेश करेंगे। इसके बाद जब उनके बर्थडे के दिन उनके बनाये केक की उन्होंने प्रशंसा की तो यह सुनकर उन्हें काफी खुशी मिली। उन्होंने बताया कि यह पल काफी खूबसूरत था।