पश्चिमी महाराष्ट्र में भारी बारिश से बाढ़

 

 

 

 

25 की मौत, लाखों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

(ब्यूरो कार्यालय)

मुंब‍ई (साई)। मुंबई के बाद अब भारी बारिश के कारण पश्चिम महाराष्ट्र बाढ़ का संकट झेल रहा है। पुणे, कोल्हापुर, सतारा, सांगली और सोलापुर बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इन इलाकों में बाढ़ से जुड़े हादसों के कारण 26 लोगों की जान जा चुकी है। लाखों की संख्या में लोग प्रभावित हैं जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। नैशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के साथ-साथ भारतीय वायुसेना और नेवी राहतकार्य में जुटे हैं।

1 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया

पश्चिमी महाराष्ट्र के पांच जिले, कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर, पुणे और सतारा बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों के घर पानी में डूब गए हैं और इन इलाकों से करीब 1,00,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। सबसे ज्यादा नुकसान सांगली और कोल्हापुर जिलों को झेलना पड़ा है। बाढ़ में फंसे लोगों के लिए राहत और बचाव अभियान में एनडीआरएफ की 22 टीमों समेत भारतीय वायुसेना और नेवी के जवान मुस्तैद हैं।

सांगली में नाव पलटने से 9 की मौत

सांगली जिले के पालूस ब्लॉक में भमनाल के पास एक नाव पलटने गई। नाव पर 27-30 लोग सवार थे जिनमें से 9 के शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं, 16 लोगों को बचा लिया गया है। महाराष्ट्र पुलिस के स्पेशल इंस्पेक्टर जनरल (लॉ ऐंड ऑर्डर) मिलिंद भरांबे ने बताया है कि यह नाव बाढ़ग्रस्त इलाके से लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जा रही थी। उन्होंने आशंका जताई है कि करीब 10-12 लोगों की मौत इस हादसे में हो गई है।

अभी भी भारी बारिश की संभावना

बाढ़ के कारण सतारा और सांगली से निकलने वाले मुंबई-बेंगलुरु हाइवे को बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल भारी बारिश की संभावना बरकरार है जिसके कारण हालात सुधरने में वक्त लग सकता है। वहीं, सांगली में बने बांधों के ओवरफ्लो करने के कारण बाढ़ और भयानक हो चुकी है। यहां से करीब 50,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

सीएम ने की बैठक

हालात के मद्देनजर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटील, जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, सहकारी मंत्री सुभाष देशमुख, लोक निर्माण कार्य विभाग मंत्री एकनाथ शिंदे और पर्यावरण मंत्री रामदास कदम के साथ हुई बैठक में पश्चिमी महाराष्ट्र में बाढ़ के कारण पैदा हुई स्थिति की समीक्षा की गई।