सेवा निवृत्त स्वास्थ्य कर्मी को क्यों नहीं किया जा रहा भुगतान!

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सचिव स्वास्थ्य विभाग, संयुक्त संचालक लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, सीएचएमओ सिवनी और महालेखाकार ग्वालियर को नोटिस जारी कर पूछा है कि सेवा निवृत्त स्वास्थ्य कर्मी को गुमशुदा जीपीएफ और अर्जित अवकाश का भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है।

न्यायमूर्ति नंदिता दुबे की एकलपीठ ने अनावेदकों को चार सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया है। सिवनी जिले के ग्राम जोवा आदेगाँव निवासी रमेश कुमार उईके की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि वह मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिवनी के कार्यालय में स्वास्थ्य सहायक के पद पर कार्यरत थे।

31 जुलाई 2015 को वह शासकीय सेवा से सेवा निवृत्त हुए। उनके जीपीएफ खाते में कई गुमशुदा कटौती दर्ज थी, लेकिन विभाग ने उस गुमशुदा कटौती को सत्यापित नहीं किया। इसकी वजह से उन्हें गुमशुदा जीपीएफ का भुगतान नहीं किया गया। याचिका में कहा गया कि उसे राज्य सरकार के नियमों के अनुसार 240 दिन के अर्जित अवकाश का भी भुगतान नहीं किया गया, जबकि उनकी सेवा पुस्तिका में 360 दिन का अर्जित अवकाश दर्ज है।

अधिवक्ता अनिरुद्ध पांडे ने दलील दी कि याचिका कर्त्ता ने गुमशुदा जीपीएफ और अर्जित अवकाश के भुगतान के लिये अनावेदकों को कई बार अभ्यावेदन दिया, लेकिन उनके अभ्यावेदन पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी। प्रारंभिक सुनवायी के बाद एकलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।