रात में नहीं मिलतीं सिवनी में दवाएं

 

मुझे शिकायत खाद्य एवं औषधि प्रशासन से है जिसके द्वारा मेडिकल स्टोर्स के संचालन पर नज़र नहीं रखी जा रही है। ग्रामीण अंचल नहीं वरन सिवनी शहर में ही यह स्थिति है कि यहाँ रात दस बजे से सुबह लगभग आठ बजे तक साधारण दवाएं ही उपलब्ध नहीं हो पाती हैं, जीवन रक्षक दवाएं तो दूर की बात है।

मेडिकल स्टोर्स आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत आते हैं लेकिन इसके तहत अधिकाँश मेडिकल स्टोर्स के संचालकों के द्वारा सेवाएं मुहैया नहीं करवायी जा रही हैं। इस मामले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन को हस्तक्षेप किये जाने की आवश्यकता है। वास्तव में इस तरह की व्यवस्थाएं बनायी जाना चाहिये जिससे लोगों को रात्रिकालीन समय में आवश्यक दवाएं तो उपलब्ध हो सकें। जिला चिकित्सालय के आसपास के क्षेत्र में ही रात के समय में दवा की तलाश में भटकते लोगों को सहज ही देखा जा सकता है।

मेडिकल एसोसिएशन के द्वारा भी जनहित में कुछ इस तरह की व्यवस्थाएं बनाये जाने की आवश्यकता है जिसके चलते रात्रिकालीन समय में लोगों को दवाईयों के लिये इधर-उधर न भटकना पड़े। इस तरह की व्यवस्थाओं के न होने से यह माना जा सकता है दवा के व्यवसाय को पूरी तरह से सिर्फ और सिर्फ व्यापार ही बना दिया गया है। इसमें जनसेवा का भाव कहीं भी नज़र नहीं आता है। यदि ऐसा होता तो लोगों को रात के समय दवाओं के लिये भटकने पर मजबूर नहीं किया जाता।

संबंधितों से अपेक्षा ही की जा सकती है कि वे जनहित के मद्देनज़र इस दिशा में कदम जरूर उठायेंगे और ऐसी कुछ व्यवस्था सिवनी में देखने को मिलेगी जिससे देर रात के समय भी लोगों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध हो सकें। यदि यह भी संभव नहीं है तो सिवनी में रेडक्रॉस की ही एक दुकान स्थापित करवा दी जाये जो नियम से 24 घण्टे सेवाएं दे सके।

सौरभ ग्वालवंशी