ये हैं राखी के सदाबहार गीत

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाता है। इस वर्ष रक्षाबंधन गुरूवार 15 अगस्त को मनाया जायेगा।

इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई में रक्षासूत्र बांधकर बहन की रक्षा करने व बहन के कल्याण के लिये ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। बॉलीवुड सिनेमा में रक्षाबंधन के त्यौहार के लिये कई ऐसे गानें हैं जो आज भी मन को मोह लेते हैं। यहाँ कुछ ऐसे ही सुपरहिट गानों की लिस्ट है जो आप सुनें या अपने भाई या बहन को सुनायें…

रक्षाबंधन के टॉप 10 गाने

  1. मेरे भैया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन, तेरे बदले मैं जमाने की कोई चीज़ ना लूँ…।
  2. राखी धागों का त्यौहार
  3. भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना
  4. बहना ने भाई की कलाई से, बहना ने भाई की कलाई से, प्यार बाँधा है, प्यार के दो तार से

संसार बांधा है (रेशम की डोरी)

  1. ये राखी बंधन है ऐसा, ये राखी बंधन है ऐसा, जैसे चन्दा और किरन का, जैसे बदरी और पवन का

जैसे धरती और गगन का, ये राखी बंधन है ऐसा

  1. फूलों का तारों का सबका कहना है
  2. मेरे भईया मेरे चंदा
  3. इसे समझो न रेशम का तार भईया
  4. रंग बिरंगी राखी लेके आयी बहना
  5. मेरी प्यारी बहनिया बनेगी दुल्हनिया

रक्षासूत्र का मंत्र : येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः! तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल!!

इस मंत्र का अर्थ लिया जाता है कि दानवों के महाबली राजा बलि जिससे बांधे गये थे, उसी से तुम्हें बांधता हूँ। हे रक्षे! (रक्षासूत्र) तुम चलायमान न हो, चलायमान न हो।

रक्षाबंधन शुभ महूर्त : गुरूवार 15 अगस्त को मनाये जाने वाले रक्षा बंधन पर पूर्णिमा तिथि आरंभ 14 अगस्त को 1545, पूर्णिमा तिथि समाप्त 15 अगस्त को 1758, भद्रा समाप्त सूर्याेदय से पहले होगी।

ग्रहण और भद्रा से मुक्त रहेगा रक्षाबंधन : रक्षाबंधन का त्यौहार हमेशा भद्रा और ग्रहण से मुक्त ही मनाया जाता है। शास्त्रों में भद्रा रहित काल में ही राखी बांधने का प्रचलन है। भद्रा रहित काल में राखी बांधने से सौभाग्य में बढ़ौत्तरी होती है। इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा की नज़र नहीं लगेगी। इसके अलावा इस बार श्रावण पूर्णिमा भी ग्रहण से मुक्त रहेगी जिससे यह पर्व का संयोग शुभ और सौभाग्यशाली रहेगा।

स्वतंत्रता दिवस पर मनायी जायेगी राखी  : स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के दिन ही देशभर में रक्षा बंधन का पर्व भी मनाया जायेगा। यह भाई – बहन के अटूट प्यार और एक – दूसरे की रक्षा करने के संकल्प का पर्व है। रक्षाबंधन का त्यौहार सदियों से चला आ रहा है। हिंदुओं के लिये इस त्यौहार का विशेष महत्व होता है। रक्षाबंधन के दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं।