सावन के आखिरी सोमवार को बन रहा सोम प्रदोष का विशेष संयोग

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। श्रावण मास के आखिरी सोमवार को भगवान शिव की नगरी सिवनी में भक्तिमय माहौल होगा।

सोम प्रदोष के संयोग पर मंदिरों में विशेष अनुष्ठान होंगे। इस दौरान पुण्य सलिला बैनगंगा के उद्गम स्थल मुण्डारा से काँवड़ा यात्रा निकाली जायेगी। भगवान शिव की भक्ति में हर-हर महादेव और बम-बम भोले का उद्घोष गूंजेगा। शिवालयों में स्वस्तिवाचन और रुद्राभिषेक होगा।

श्रावण के आखिरी सोमवार को जगह-जगह भण्डारा और प्रसाद वितरित किया जायेगा। विशेष अवसर के लिये शिव – पार्वती के मंदिरों की आकर्षक साज सज्जा की गयी है। सावन का आखिरी सोमवार होने के कारण प्राचीन मंदिरों में दर्शन के लिये श्रृद्धालुओं की सुबह से भीड़ उमड़ेगी।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार श्रावण के अंतिम सोमवार के साथ सोम प्रदोष के संयोग ने इस दिन को शुभ बना दिया है। प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि के दिन किया जाता है। इस दिन शिव – पार्वती साथ – साथ पृथ्वी पर विचरण करेंगे। माना जाता है कि सोम प्रदोष पर रुद्राभिषेक करने पर मनोकामना पूरी होती है। प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की पूजा शाम को होती है। शाम का वह समय जब पूरी तरह से अंधेरा भी नहीं रहता है और दिन की हल्की रौशनी भी बाकी रहती है, पूजन का उत्तम समय बताया गया है।