दो साल से कोतवाली में हैं भारत माता

 

 

 

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। उपनगरीय इलाके मरझोर में बिजली विभाग में कार्यरत विपत लाल विश्वकर्मा के द्वारा अपने खुद के व्यय पर बनवायी गयी भारत माता की प्रतिमा को दो साल पहले स्वाधीनता दिवस के पूर्व ही जप्त कर कोतवाली लेकर गए थे, भारत माता आज भी कोतवाली प्रांगण में ही ढंकी रखी हुई हैं।

उक्त संबंध में बताया जाता है कि विपत लाल विश्वकर्मा के द्वारा भारत के स्वाधीनता संग्राम पर आधारित चित्रों की प्रदर्शनी भी अपने निवास पर सालों से सजाकर रखी गयी है, जिसका निरीक्षण अनेक नेताओं और नागरिकों के द्वारा भी किया जा चुका है। उनके द्वारा मरझोर में सरकारी जमीन पर भारत माता की लगभग पाँच टन वजन की भारत माता की प्रतिमा को स्थापित कराया गया था।

बताया जाता है कि वर्ष 2017 में इसकी शिकायत के उपरांत तत्कालीन अनुविभागीय राजस्व अधिकारी से किये जाने के उपरांत प्रशासन के द्वारा इस प्रतिमा को एक ट्रॉली में रखकर इसे कोतवाली ले जाया जा रहा था। उस दौरान बारिश में नमी के चलते ट्रैक्टर के साथ चल रही इस ट्रॉली का संतुलन बिगड़ा और यह पलट गयी, जिससे भारत माता की प्रतिमा भी जमीन पर गिर गयी थी।

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इसके बाद से दो साल बीतने के बाद भी भारत माता की प्रतिमा आज भी कोतवाली प्रांगण में ढंकी हुई रखी है। इसे कहीं स्थापित करवाने की चिंता न तो प्रशासन को नजर आ रही है और न ही सियासी दलों के नुमाईंदों को!

लोगों का कहना है कि भारत माता की प्रतिमा को जिलाधिकारी कार्यालय (कलेक्ट्रेट परिसर) में कहीं सुरक्षित रखवाई जा सकती है जिसका प्रकरण निपटने पर इसकी स्थापना भी करवाई जा सकती है। लोगों ने सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्ष में बैठी कांग्रेस के नेताओं से इस मामले में पहल करने की अपेक्षा व्यक्त की है।