जेलब्रेक प्लान: पकडे गए अनेक कैदी . . .

 

 

 

 

संतरी की आंखों में मिर्च डालकर मुख्य द्वार से भागने की फिराक में थे कैदी

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। सिमी आतंकियों द्वारा मध्य प्रदेश में जेलब्रेक करने के मामले के बाद, एक बार फिर मध्यप्रदेश के संगीन आरोपियों द्वारा जेलब्रेक की योजना बनाई गई। अशोकनगर जेल में बंद ये कैदी जेल से भागने का प्लान बना ही रहे थे, लेकिन इसकी भनक लग गई। जिसके बाद हत्या और बलात्कार के आरोप में बंद इन आठ कैदियों से जेल प्रशासन ने पूछताछ की गई।

कैदियों ने योजना बनाई थी की सुबह गिनती के बाद सभी कैदी नित्यकर्म में व्यस्त हो जाते हैं। उस समय जेल के मुख्य द्वार पर सुरक्षा कम रहती है। इसकी वह कई दिन से रैकी कर रहे थे। इन आठ में से दो-तीन कैदी बैरक में जाकर हंगामा और झगड़ा करते।

इससे सभी सुरक्षा कर्मी बैरक की और चले जाते। ऐसे में मुख्य गेट पर एक संतरी ही रहता। बाकी के कैदी उसकी आंख में मिर्च डालकर मुख्य द्वार को खोल देते, इसी दौरान अन्य साथी भी उनके साथ बाहर निकल जाते।

ये था पूरा प्लान…

पुलिस के मुताबिक इन आठों कैदियों ने पहले तो जेल के बारे में जानकारी ली और देखा कि सुबह के समय सिर्फ एक संतरी रहता है और बाहर एक रायफलधारी प्रहरी तैनात रहता है। हम आपस में झगड़ा करेंगे और तभी प्रहरी से रायफल छीनकर जेल से भाग लेंगे। वहीं कैदियों ने अपने किसी खास व्यक्ति को जेल से मैसेज भी पहुंचाया था। प्लान के मुताबिक जब यह कैदी रायफल छीनकर सड़क तक पहुंचते तो उनका साथी बाहर सड़क पर वाहन के साथ मिलता।

ऐसे उजागर हुआ मामला…

यह आठों आरोपियों की योजना मैस में काम करने वाले एक कैदी को पता चल गई। 11 अगस्त की रात मैस के अन्य साथी को उसने इसकी जानकारी दी। यह बात जेलर को पता लगी तो उन्होंने उस कैदी से सख्ती से पूछताछ की तो उसने उक्त आठ कैदियों ने नाम बताए। जब जेल प्रशासन ने इन आठ कैदियों से अलग-अलग पूछताछ की तो उन्होंने तेज तोडऩे का राज उगल दिया और पकड़े गए।

इन पर दर्ज हुआ केस…

जेल प्रहरी जोगेंद्र राजावत की शिकायत पर देहात थाना पुलिस ने कैदी खूबसिंह, संतोष कुशवाह, गोपाल परिहार, रंजीत केवट, शुभम उर्फ पीसू उर्फ आकाश जाटव, बंटी उर्फ हरवंश आदिवासी, दीपक ढ़ीमर और मनोहर धानक के खिलाफ जेल से भागने के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया है।

साथ ही पुलिस मंगलवार को जिला जेल पहुंची और कैदियों के बयान दर्ज किए। साथ ही उनके पास मिले जेल से भागने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अवैध सामान के बारे में भी पूछताछ की है।

जिले में इस तरह का यह पहला मामला है और इस मामले के सामने से सवाल उठने लगे हैं कि कैसे कैदियों के पास सामान पहुंच रहे हैं। वहीं पुलिस भी इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

चार कैदी हत्या व लूट के आरोपी है। जिन्होंने 18 दिसंबर की रात को नईसराय थाना क्षेत्र के बीसोर गांव में रिटायर्ड एसएएफ जवान निहाल सिंह रघुवंशी और उनकी पत्नी गीता की गोली मारकर हत्या कर दी थी और जेवर लूट ले गए थे। जिन्हें पुलिस ने योजना के तहत गिरफ्तार कर पाई थीं। वहीं शेष चार आरोपी दुष्कर्म व अन्य मामलों में जेल में बंद हैं।

जेल में पहली बार हुई इस तरह की घटना के बाद जिले से लेकर राजधानी तक जेल प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। अब इन सभी आठों कैदियों को जेल प्रबंधन ने प्रदेश की अलग-अलग जेलों में शिफ्ट किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि जेल डीजी जेल की सुरक्षा और घटना की जानकारी लेंगे।