कब तक प्रभावी रहेगी धारा 144!

 

 

कामरेड वासनिक व यीशु प्रकाश ने किया प्रशासन से सवाल

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कॉमरेड डी डी वासनिक और मीडिया प्रभारी कॉमरेड यीशु प्रकाश ने कहा है कि जिला कलेक्टर प्रवीण अडाइच ने सम्पूर्ण सिवनी जिले में प्रेस विज्ञप्ति देकर धारा 144 लगा दी है, जिसका कोई औचित्य समझ नहीं आ रहा है और यह स्पष्ट भी नहीं किया गया है कि यह धारा 144 लगाने का क्या कारण है।

उनके द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इसके चलते राजनैतिक दल या कोई भी संस्था सिवनी जिले की सीमा के अंदर सभा आमसभा मीटिंग या कोई भी कार्यक्रम नहीं कर सकते हैं यह आदेश संविधान की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के ऊपर हमला है जिसका भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने विरोध किया है।

विज्ञप्ति के अनुसार जम्मू और कश्मीर में धारा 370 एवं 35। को हटाए जाने पर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू कश्मीर में धारा 144 लगा दी गई थी जिसे हटा दिया गया है, जबकि जम्मू कश्मीर का मामला बहुत ज्यादा संवेदनशील था तथा वहाँ की जनता के विश्वास को लिए बगैर यह किया गया था, परंतु सिवनी में ऐसी कौन सी आपदा आने वाली थी जिसका पता अभी तक नहीं चल पाया है, जिससे कि धारा 144 को लगाना अनिवार्य जान पड़ता हो।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सभा के लिए अनुमति चाही थी परंतु उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से सभा करने की अनुमति नहीं दी गई, इसी तरह माध्यान्ह भोजन कर्मियों ने 18 अगस्त को कचहरी चौक में शांतिपूर्ण आमसभा करने की अनुमति चाही थी वह भी नहीं मिल पाई।

विज्ञप्ति के अनुसार भाकपा का मानना है कि यह अघोषित आपातकाल जनता पर जबरन लादी जा रही है जिसमें आम जनता अपनी आवाज को उठाने से वंचित हो रही है जो कि संविधान की मंशा के विपरीत है और आमजनता के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।

विज्ञप्ति के अनुसार भाकपा के कॉमरेड तीरथ सिंह गजभिये, सहित कॉमरेड डी डी वासनिक, कॉमरेड अली एम. आर. खान, कॉमरेड राजेन्द्र, कॉमरेड इसरार अली साबरी, कॉमरेड किरण प्रकाश, कॉमरेड माया गढ़ेवाल, कॉमरेड राहुल, कॉमरेड, यीशु प्रकाश, कॉमरेड विशाल, कॉमरेड विवेक गजभिये, कॉमरेड दीपक करोसिया, कॉमरेड पूजा करोसिया, कॉमरेड शिवराज सिंह बैस, कॉमरेड डॉ. बी. सी. उके आदि ने सिवनी में धारा 144 लगाए जाने का विरोध किया है और इसे तत्काल हटाए जाने की मांग की है अन्यथा धारा 144 का विरोध करने के लिए आंदोलन करते हुए धारा 144 तोड़ने की चेतावनी दी है।