132.99 मीटर पहुंचा सरदार सरोवर बांध का जलस्तर

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

इंदौर (साई)। कम बारिश के कारण दो साल से खाली रह रही नर्मदा नदी इस बार लबालब बह रही है। मंगलवार को सरदार सरोवर बांध का जलस्तर 132.99 मीटर रहा। घाटी में अच्छी बारिश के कारण दो साल बाद नर्मदा पर बने ज्यादातर बांधों के गेट खोले गए। सरदार सरोवर बांध से बिजली उत्पादन भी शुरू हो गया है। तय अनुबंध के तहत मध्यप्रदेश को 57 प्रतिशत बिजली मिलेगी।

नर्मदा नदी में आमतौर पर 28 एमएएफ (मिलियन एकड़ फीट) पानी रहता है, लेकिन दो साल तक नदी में 17-18 एमएएफ पानी था। इसके चलते बांधों से बिजली उत्पादन काफी कम हो गया था और चार राज्यों में भी पानी के बंटवारे में नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण ने कटौती कर दी थी। डेढ़ साल पहले तक तो कई इलाकों में नर्मदा नदी सूख गई थी। इस बार होशंगाबाद, तवा, डिंडोरी, पचमढ़ी, पुनासा, खरगोन, महेश्वर में हुई झमाझम बारिश का असर नदी पर भी देखा जा रहा है। अनुमान के मुताबिक अब नदी में 35 एमएएफ से ज्यादा पानी है। नर्मदा नदी की सहायक नदियों से लगातार पानी आ रहा है।

छह यूनिट से बिजली उत्पादन शुरू

अधिकारियों के अनुसार सरदार सरोवर बांध के नदी तल विद्युत गृह की छह यूनिट से बिजली उत्पादन शुरू हो गया है। उधर, बांध का जलस्तर लगातार बढ़ने से डूब प्रभावित क्षेत्रों में भी पानी धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। इस महीने बांध का जलस्तर 135 मीटर (ऊंचाई समुद्र तल से) तक पहुंच सकता है। बांध को पूर्ण क्षमता (138 मीटर) तक भरकर उसकी टेस्टिंग की जाएगी। 10 दिन पहले जलस्तर 131 मीटर तक पहुंच गया था। तब बांध के गेट खोले गए थे।