अंकुरित हो रही धान, बेपरवाह है प्रशासन!

 

 

धान खराब होने के बाद भी जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। विपणन संघ के माध्यम से खरीदी गई धान ओपन कैप में भंडारित किरा़ेडों की धान अंकुरित होने लगी है। बारिश का पानी जिन जिन कैपों में घुसा वहां पर धान खराब होने लगी है। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है।

सड़ने की लगी करोड़ो की धान : जिला मुख्यायलय से करीब सात किमी दूर नरेला में ओपन कैप में करीब 6.43 लाख क्विंटल धान रखी गई है। इसमें मार्कफेड सिवनी व बालाघाट में खरीदी गई धान को रैक बनाकर रखा गया। इसे तिरपाल से ढांककर रस्सी से बांध दिया गया है।

बताया जाता है कि यहां कई जगह तो रस्सी निकल गई है। साथ ही तेज हवा के कारण तिरपाल फट गए है। बोरियों में बारिश का पानी पड़ने से उसमें अंकुरण शुरु हो गया और बहुत से स्टेग में धान सड़ने की कगार पर आ गई है। खराब धान का कुछ भाग नई बोरियों में भरा जा रहा है। वहीं अधिक खराब धान को अलग कर दिया जा रहा है। जानकारी मुताबिक यदि खराब धान की मिलिंग होगी तो तो चावल की क्वालिटी ठीक नहीं आएगी। वहीं मिलर्स अच्छी धान की डिमांड कर रहे हैं।

5 साल पहले भी सड़ी थी करा़ेडों की धान : वर्ष 2013 – 2014 में भी सरकारी स्तर पर खरीदी गई धान इसी लापरवाही के कारण सड़ गई थी। आज भी कैप में वह सड़ी हुई धान रखी हुई है। सड़ी धान की बदबू आसपास फैलती है। स्थिति यह है कि उसे जानवर और पक्षी तक नहीं खा रहे है। अब तक उसका उठाव भी नहीं हो पाया है और न ही इस मामले में लापरवाह अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की गई है।