सड़कें 05 और सिग्नल 03!

 

इस स्तंभ के माध्यम से मैं यह कहना चाहता हूँ कि सिवनी में व्यवस्था के नाम पर जिस तरह से लापरवाहियां की जाती हैं वह आश्चर्यजनक ही कहीं जायेंगी। ऐसा लगता है जैसे यातायात व्यवस्था को सिवनी में हाशिये पर डाल दिया गया है।

देखने वाली बात यह है कि सिवनी में कई स्थानों पर यातायात सम्हालने के नाम पर सिग्नल्स स्थापित कर दिये गये हैं लेकिन ये सिग्नल अपने आप में ही अधूरे कहे जायेंगे। शायद यही कारण भी है कि अधिकांश वाहन चालक इन सिग्नल्स का पालन करने को ज्यादा अहमियत देते नजर नहीं आते हैं।

सिवनी के कचहरी चौक पर आकर पाँच दिशाओं से सड़कें मिलती हैं लेकिन इस चौराहे पर तीन सिग्नल्स ही स्थापित किये गये हैं और वाहन चालकों से अपेक्षा की जा रही है कि वे इन सिग्नल्स का पालन करे। सिंधिया तिराहा और कचहरी की ओर से आने वाले मार्ग के लिये कोई सिग्नल इस स्थान पर नहीं लगाये गये हैं।

उपरोक्त दोनों मार्गों के लिये सिग्नल्स न होने के कारण इन दिशाओं से आने वाले या इन दिशाओं में जाने वाले वाहन चालक बेधड़क यातायात में बाधा उत्पन्न करते हुए अपने गंतव्य की ओर गमन करते रहते हैं। कचहरी चौक एक महत्वपूर्ण चौराहा होने के बावजूद यहाँ पर प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था तक नहीं की गयी है जिसके कारण रात के समय इस चौराहे पर जब-तब दुर्घटनाओं की स्थिति निर्मित होते रहती है। कचहरी चौक या सिंधिया तिराहे की ओर से अचानक ही जब कोई वाहन चालक गतिमान यातायात में प्रवेश करता है तो वह यकायक ही दुर्घटना के कारणों को जन्म दे देता है।

कचहरी चौक पर लगाये गये सिग्नल्स में, पूर्व में सेकेण्ड्स भी चलते रहते थे लेकिन अब वे भी बंद कर दिये गये हैं। इसके चलते वाहन चालकों को यह पता ही नहीं चल पाता है कि किस रंग का सिग्नल कितनी देर चलेगा। वर्तमान में स्थिति तो ये है कि लगाये गये तीनों सिग्न्ल्स में कुछ सेकेण्ड्स के लिये लाल बत्ती ही दिखायी देती रहती है। तीनों सिग्नल में एक साथ लाल बत्ती का प्रकाशमान होना यातायात को अवरूद्ध करके रख देता है, जिसके कारण वाहन चालकों का समय व्यर्थ ही जाया होता है।

मजे की बात तो यह है कि यातायात विभाग के किसी पुलिसकर्मी की ड्यूटी तो इस कचहरी चौक पर नहीं लगायी जाती है अलबत्ता होमगार्ड का एक सिपाही इस स्थान पर एक तरफ खड़े होकर यातायात में बाधाएं उत्पन्न होते देखता रहता है। सिग्नल्स की व्यवस्था ही ऐसी है कि वह चाहकर भी वाहन चालकों को कोई दिशा निर्देश देने में स्वयं को अक्षम ही पाता होगा। जिला प्रशासन से अपेक्षा ही की जा सकती है कि वह, सिवनी में यातायात व्यवस्था को दुरूस्त करवाने के लिये संबंधित विभागों को निर्देशित करे।

शिरीष भट्ट