श्रीकृष्ण का सम्पूर्ण जीवन प्रेरणादायी : श्रीवास्तव

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। हम भगवान श्रीकृष्ण के संपूर्ण जीवन से शिक्षा ले। वे हमेशा हॅसते-मुस्कुराते रहे। समाज जीवन में उन्होनें हर रिश्ते का निर्वाह किया गया। वे जहां रहते थे उस परिवेश क्षेत्र तथा नागरिको की सुरक्षा के लिए प्राण-पण से जुटे रहतेे थे।

उक्ताशय के विचार सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित बाल गोकुलम कार्यक्रम में बतौर अतिथि दुर्गाशंकर श्रीवास्तव ने व्यक्त किए। आपने कहा कि भगवान श्री कृष्ण स्वयं साक्षात ईश्वर (ब्रहम्) थे फिर भी उन्होंने साधारण मनुष्य की तरह लीला किया। बडे-बडे राक्षसों का संहार किया। कर्मयोगी भगवान श्रीकृष्ण हम सब के लिए प्रेरणादायी है।

कार्यक्रम के अध्यक्ष नूपेश ठाकुर ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन मे कहा कि श्रीकृष्ण हमारी संस्कृति, सभ्यता है। उनमें सभी गुण थे। उन्होने मानव जीवन के जीवन भर सुंदर उदाहरण प्रस्तुत किए। अन्याय का प्रतिकार किया। जन-जन को प्रेरणा दिए वे साहसी, निडर पराक्रमी, महान यो़़़़़द्धा, कर्मयोगी, जन नायक ही नही विश्व नायक थे।

बालगोकुलम कार्यक्रम में सबसे सुंदर मर्मस्पर्शी करूणा से भर देने वाली बिट्ठल – बिट्ठल नृत्य – नाटिका रही। जिसने लगभग 2000 की संख्या में उपस्थित लोगो के विशाल समुदाय की ऑखो में ऑसू ला दिए। यह प्रस्तुति सरस्वती ज्ञान मंदिर भैरोगंज सिवनी के भैया-बहिनों द्वारा कि गई, जिसकी सभी ने मुक्तकंठ से प्रशंसा किया।

उक्त कार्यक्रम में राधा-कृष्ण वेशभूषा, नृत्य एवं मटकीफोड प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी थी जिसमें नगर के 15 से अधिक विद्यालयों ने भाग लिया। जिसमें राधा कृष्ण वेशभूषा में सेंट फ्रांसिस विद्यालय प्रथम, अरूणांचल पब्लिक स्कूल द्वितीय एवं रायल पब्लिक स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

नृत्य प्रतियोगिता में महारानी लक्ष्मी बाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्रथम, सेंट फ्रांसिस द्वितीय, रायल पब्लिक स्कूल तृतीय स्थान पर रहे। कार्यक्रम की सबसे रोमांचकारी प्रतियोगिता मटकी फोड प्रतियोगिता थी जिसमें कोई प्रतिभागी सफल नही हो सका। अंत्योगत्वा ऑख में बिना पट्टी बांधे सिद्धांत त्रिवेदी एवं नैतिक शर्मा को मटकी फोड़ने का अवसर प्रदान किया गया।