हुई सवारी से मारपीट, हुआ हंगामा!

 

 

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (साई)। बस स्टैण्ड पर बीति रात सवारी के साथ हुई मारपीट के बाद अफरा तफरी का माहौल बन गया। शुक्रवार को जन्माष्टमी होने के बाद भी बस स्टैण्ड पर एक भी पुलिस कर्मी का मौजूद न रहना अपने आप में आश्चर्य का ही विषय माना जा रहा है।

एक दिन पहले शहर में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकालकर जन्माष्टमी में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम का भरोसा दिलाया था और दूसरे ही दिन जिला मुख्यालय में कोतवाली थाना से महज सौ मीटर के दायरे में स्थित बस स्टेंड में शुक्रवार की रात साढ़े आठ बजे जमकर मारपीट और हंगामा हो जाता है।

यह आलम तब है जबकि यातायात पुलिस की चौकी भी बस स्टैण्ड के भवन में ही है। बावजूद इसके बस स्टैण्ड पर अनेक बार एक भी पुलिस कर्मी मौजूद नहीं रहता। इस मामले को अब पुलिस समझौता कराकर बंद कर चुकी है लेकिन मामला जिले के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार की शाम लगभग साढ़ आठ बजे जिला मुख्यालय में स्थित सरकारी बस स्टैण्ड में इंदौर भोपाल जाने वाली तीन से चार यात्री बस खड़ीं थीं। इसी समय एक शख्स के साथ मारपीट होने लगती है। देखते ही देखते स्टेंड में एक सैकडा़ के लगभग लोग एकत्र हो जाते हैं और दर्जनों लोग एक शख्स पर जमकर घूंसे-तमाचे बरसाते हैं।

प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार घटना की वजह त्यौहारों के मौसम में सवारियों की भारी भीड़ बताई गई। बताया गया कि एजेंटों द्वारा स्लीपर बस में एक केबिन में चार से अधिक सवारियां बैठाई जा रहीं थीं। जिसका मुसाफिरों ने विरोध किया। विवाद देखते ही देखते गाली गलौज और मारपीट तक पहुंच गया। घटना के दौरान दर्जनों की संख्या में लोग बस स्टेंड में एकत्र हो गए। घटना के दसेक मिनट बाद पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे।

ज्ञातव्य है कि शुक्रवार को जन्माष्टमी का त्यौहार था। इसके दौरान प्रशासन ने शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। बाहर से भी बल बुलाया गया था। यहां तक कि पुलिस का फ्लेग मार्च भी निकाला गया था, लेकिन जिस वक्त घटना हुई बस स्टेंड के आसपास एक भी पुलिस कर्मी नहीं था।

यहां यह उल्लेखनीय होगा कि सिवनी जिला अति संवेदनशील जिलों की फेहरिस्त में शामिल है। तीज त्यौहारों के दौरान विवाद की स्थिति अगर बन रही है तो यह निश्चित तौर पर जिले की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान खड़ा करने के लिए पर्याप्त माना जा सकता है।

लोगों का कहना है कि जिला मुख्यालय में स्थित बस स्टेंडों में एक बार फिर एजेंटों का कब्जा हो गया है। लंबे समय से बस स्टेंड में इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बस स्टेंड में चालक परिचालक भी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। कोई भी कर्मचारी वरदी में नहीं दिखाई देता है। कार्रवाई न होने से इनके हौसले बुलंदी पर हैं।

विवाद के बाद दोनों पक्षों में आपसी समझौता हो गया था इसलिए कोई मामला नहीं बनाया गया।

मनोज गुप्ता,

नगर कोतवाल.