शुक्रदेव कर रहे राशि परिवर्तन, तीन राशियों पर छा सकता है संकट!

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। ग्रहों की बदली स्थिति ज्योतिष के अनुसार लोगों को भी लगातार प्रभावित करती है। ऐसे में जहां कई बार कम प्रयासों में भी सफलता मिल जाती है, तो वहीं कई बार पूरी तरह से हर संभव कोशिश के बावजूद सफलता नहीं मिलती है। ज्योतिष में इस अवस्था को कई बार ग्रहों का प्रभाव भी माना जाता है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दरअसल ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की बदलती स्थिति जहां कुछ जातकों को खास फायदा पहुंचाती है,वहीं कुछ को ये परेशानी में भी डाल देती है। अभी अगस्त में ही बुध, मंगल, गुरु, शुक्र व सूर्य ने चाल बदली या राशि परिवर्तन किया है। वहीं अब सितंबर में 10 तारीख को एक बार फिर दैत्यों के गुरु व भाग्य के कारक शुक्र ग्रह राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं।

सितंबर 2019 में ये होने हैं राशि परिवर्तन : 10 सितम्बर (मंगलवार) को 01ः54 पर शुक्र का राशि परिवर्तन होगा। ये सिंह राशि से कन्या राशि में। 11 सितम्बर (बुधवार) को 05ः08 पर बुध का राशि परिवर्तन होगा बुध देव सिंह रशि से कन्या राशि में गमन करेंगे।

17 सितम्बर (मंगलवार) को 13ः19 पर सूर्य का राशि परिवर्तन होगा। सूर्यदेव सिंह राशि से कन्या राशि में जाएंगे। इसके उपरांत 25 सितम्बर (बुधवार) को 06ः58 बजे मंगल देव का राशि परिवर्तन होगा। मंगलदेव इस समय सिंह रशि से कन्या राशि में जाएंगे। इसके अलावा 29 सितम्बर (रविवार) को 13ः06 बजे बुधदेव का एक बार फिर राशि परिवर्तन होगा। इस समय बुध देवता कन्या रािश  से तुला राशि में जाएंगे।

ज्योतिष विज्ञान में शुक्र ग्रह को भौतिक सुखों का कारक माना गया है। यह एक शुभ ग्रह है। वहीं शास्त्रों में इसे असुरों के गुरु शुक्राचार्य के रूप में जाना जाता है। शुक्र के शुभ प्रभाव जहां व्यक्ति को समस्त सांसारिक सुख प्रदान करता है। वहीं अशुभ प्रभाव के चलते यह व्यक्ति में संस्कारहीनता, अपयश, परिवार में अलगाव और दुःख का इजाफा करता माना गया है।

शुक्र के राशियों से संबंध : राशियों में शुक्र ग्रह वृषभ और तुला राशि का स्वामी है। वहीं मीन इसकी उच्च राशि मानी जाती है और कन्या इसकी नीच राशि कहलाती है। वहीं नक्षत्रों में यह भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामी है। ग्रहों में बुध और शनि ग्रह शुक्र के मित्र ग्रह हैं और सूर्य और चंद्रमा इसके शत्रु ग्रह कहलाते हैं।