श्वेताम्बर जैन समाज के पर्युषण महापर्व प्रारंभ

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। श्री जैन श्वेताम्बर जैन समाज का पर्युषण पर्व आरंभ हो गया है।

उक्त संदर्भ में जानकारी देते हुए श्री जैन श्वेताम्बर श्री संघ के सचिव संजय कुमार मालू ने बताया कि श्री जैन श्वेताम्बर समाज के पर्युषण महापर्व 26 अगस्त से प्रारंभ हो गये है जिसकी पूर्ण आहूति 02 सितम्बर को सांवत्सरिक प्रतिक्रमण (क्षमापना) से होगी।

उन्होंने बताया कि न्याय और सत्य का मार्ग, समत्व व सहनशीलता का मार्ग, जियो और जीने दो का मार्ग, प्रतिकूलता में अनुकूलता की अनुभूति, यही जैन धर्म का सार है, समता की कहानी है। इसी संदेश को पुष्ट करने हेतु इसे अंतरंग आत्मा से जोड़ने हेतु आते है पर्युषण पर्वाधिराज महापर्व।

उन्होंने बताया कि पर्युषण पर्व को अराधना का महापर्व भी कहा जाता है। इस पर्व के दौरान धर्मावलंबी प्रवचन श्रवण, स्वाध्याय समायिक, तप -संयम, प्रभु भक्ति, ध्यान, अराधना आदि कई तरह की तपस्यो से जुड़ते है। प्रतिदिन रात्रि में मंदिरजी में भव्य भक्ति का आयोजन किया जाता है जिसमें समाज के सभी सदस्य बुजुर्ग, महिलाएं, पुरूष एवं बच्चें बढ़चड कर भाग लेते है।

आत्मीयता, प्राणी वत्सलता और प्राणी मात्र के कल्याण की कामना का यह महापर्व विश्व शान्ति एवं प्राणी मात्र की चिंता का एक अद्भुत क्षण प्रस्तुत करता है। इसी क्रम में श्री जैन श्वेताम्बर मंदिर में इन 08 दिनो में अनेक प्रकार कि धार्मिक प्रतियोगिताएं आयोजित कि जाती है एवं रात्रि में अनुपम प्रभु भक्ति की जाती है।

इस बार सिवनी में किसी भी साधु अथवा साध्वी की चार्तुमास न होने के कारण धर्म आराधना करवानें हेतु महाकौशल श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ कि और से स्वाध्यायी श्री दिनेश जी बैद गोंदिया से पधारे है। ऐसे सुखद सहयोग से तप – जप करना हमारे लिये गौरव कि बात है।