हस्त व चित्रा नक्षत्र योग में घर-घर विराजे विध्नहर्ता

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सोमवार से शहर में 11 दिवसीय गणेश उत्सव प्रारंभ हो गया है। इस बार दो दशक बाद हस्त व चित्रा नक्षत्र योग में भगवान श्रीगणेश विराजे हैं। शहर के घरों में सुबह से ही बप्पा की स्थापना हुई। उधर, पांडालों में भी शाम को विध्न विनाशक गणेश जी की स्थापना हुई।

श्रद्धालुओं द्वारा मंगलमूर्ति विध्नहर्ता भगवान श्रीगणेश जी की मूर्ति गाजेबाजे और ढोल ढमाकों के साथ पांडालों तक ले जाई गई। शहर के विभिन्न पंडालों को लाइटों से सजाया गया है। भगवान श्रीगणेश जी के मंदिरों पर भी विशेष साज सज्जाा की गई है। गणेश उत्सव सोमवार से शुरू होकर अंनत चतुर्दशी के दिन प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ संपन्न होगा।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार गणेश चतुर्थी पर वह संयोग बना है जो कि भगवान श्रीगणेश के प्राकट्य के समय थे, उस समय चित्रा व हस्त योग था। इसके साथ ही रवि योग और चतुग्रर्ही योग भी इस बार रहा। बारिश के चलते पण्डालों की साज सज्जा और लाईटिंग में सावधानी बरतने की महती आवश्यकता है।

गणेशोत्सव पर्व के दौरान भी नगर पालिका परिषद के द्वारा शहर की साफ सफाई की ओर ध्यान न दिए जाने से सड़कों पर कचरा फैला हुआ है। इसके अलावा नालियों में भी गंदगी जमा दिखाई दे रही है। नागरिकों ने नगर पालिका से पर्व के दौरान साफ सफाई करवाने की अपील की है।

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