बारिश बीतने को, जारी हुई एडवाईज़री

 

 

जल जनित बीमारियों से बचाव हेतु सलाह

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। अब जबकि भादों माह को बीतने में भी महज चंद दिन रह गये हैं तब बारिश के दौरान पेयजल को लेकर एडवाईज़री जारी की गयी है। मंगलवार को जारी सरकारी विज्ञप्ति में पेयजल को लेकर एडवाईज़री जारी की गयी है।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार जिले में हुई भारी वर्षा के मद्देनज़र जल जनित बीमारी जैसे उल्टी, दस्त हैजा इत्यादि से बचाव के लिये जिला प्रशासन द्वारा एडवाईज़री जारी की गयी है। इसमें आम नागरिकों से अपील की गयी है कि शुद्ध पेयजल का उपयोग किया जाये। हैण्डपंप अथवा जल प्रदाय योजना से मिलने वाले पानी का उपयोग किया जाये साथ ही हैण्डपंपों के आसपास गंदगी, कीचड़ आदि जमा न होने दंे ताकि पर्याप्त साफ – सफाई बनी रहे एवं शुद्ध पेय जल मिल सके।

विज्ञप्ति के अनुसार वर्तमान में खेतों में कीटनाशक एवं रसायनिक खाद का उपयोग किया जाता है, जो नदी नालों के माध्यम के आसपास के कुंए में पहुँच जाते हैं, ऐसी स्थिति में यदि इस पानी का उपयोग पेयजल के रूप में किया जाता है, तो जल जनित बीमारी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इस तरह के कंुओं या अन्य स्त्रोतों का उपयोग पेय जल में उपयोग न करने की सलाह दी गयी है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल स्त्रोतों का प्री मॉनसून सोडियम हाईड्रोक्लोराईड सॉल्यूशन के माध्यम से डिस्इन्फेक्शन (क्लोरीनेशन) कराया गया है। भारी वर्षा होने के बाद पुनः सुरक्षा की दृष्टि से पेयजल स्त्रोतों के डिस्इन्फेक्शन कराया जा रहा है। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग के आँगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं के द्वारा भी ग्राम के पेयजल स्त्रोतों में ब्लीचिंग पाउडर एवं क्लोरीन टेबलेट उपलब्ध करायी गयी है, जिसके उपयोग की अपील की गयी है।

विज्ञप्ति के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा सोडियम हाईड्रो क्लोराईड का निःशुल्क वितरण किया जाता है जिसे आपकी सरकार आपके द्वार के शिविर तथा अन्य शिविरों के अतिरिक्त मैदानी अमले से निःशुल्क उपलब्ध करवाया जा रहा है।

लोगों का कहना है कि बारिश के आगमन के साथ ही अगर इस तरह की एडवाईज़री जारी कर दी जाती तो यह लोगों के लिये फायदेमंद रहती। इसके अलावा प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। अगर उनके द्वारा ही पीएचई विभाग को निर्देशित कर दिया जाता तो जल शोधन की निःशुल्क वितरित होने वाली दवाएं लोगों को मिल जातीं और बारिश के समय लोग जल जनित बीमारियों से जूझते नज़र नहीं आते।