खस्ताहाल भवनों में पढ़ रहे नौनिहाल!

 

 

शिक्षा विभाग को नहीं शाला भवनों के निरीक्षण की फुर्सत!

(ब्यूरो कार्यालय)

घंसौर (साई)। आदिवासी बाहुल्य घंसौर तहसील में अनेक शाला भवन जर्जर हालत में दिखायी दे रहे हैं। घंसौर और धनौरा विकास खण्ड के अनेक शासकीय भवनों की हालत बहुत ही दयनीय हो चुकी है। आलम यह है कि छत से पानी टपक रहा है, दरवाजे, खिड़कियां जर्जर हालत में हैं।

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो द्वारा क्षेत्र की शालाओं का भ्रमण किया गया, उसके बाद जो स्थिति सामने आयी उसे देखकर यही प्रतीत हो रहा है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा ग्रामीण अंचलों के भ्रमण के अब तक के कार्यक्रम या तो कागजी थे अथवा हवा हवाई ही रहे।

उत्कृष्ट विद्यालय धनौरा का भवन अत्यंत दयनीय हालत में दिख रहा है। इस भवन का अनेक जगह से प्लास्टर गिर रहा है। हालात देखकर यही प्रतीत हो रहा है कि इस शाला भवन में अगर कभी कोई दुर्घटना घट जाये तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिये। इस मामले में जिम्मेदार आँखें बंद किये ही बैठे हैं।

हर साल शाला भवन की रंगाई पुताई और मरम्मत की मद में आने वाली राशि को कहाँ व्यय किया जाता है, यह भी शोध का ही विषय है। माध्यमिक विद्यालय में तीन कमरों में छठवीं से दसवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। इनमें से दो कमरों में बारिश के कारण सीपेज साफ दिखायी देता है। इतना ही नहीं यहाँ का फर्श भी मरम्मत की माँग करता दिख रहा है।

घंसौर के खमरिया स्थित शाला भवन का निर्माण 1998 में करवाया गया था। यहाँ भी खिड़कियां बहुत ही जर्जर हालत में पहुँच चुकी हैं। विद्यालय प्रशासन की मानें तो उनके द्वारा बार – बार उच्चाधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी अब तक इसकी मरम्मत की दिशा में कोई पहल नहीं की गयी है।

इसके अलावा शासकीय हाई स्कूल पाटन में पल्ले विहीन खिड़कियां इस भवन के रखरखाव की पोल खोल रही हैं। यहाँ की छत से होने वाले सीपेज के चलते विद्यार्थियों पर पानी टपकता है। इतना ही नहीं भवन के पीछे की दीवार और फर्श भी अनेक स्थानों से खोखले हो चुके हैं।

घंसौर के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोरखपुर का भी कमोबेश यही आलम है। यहाँ भी सीपेज अत्याधिक मात्रा में दिख रहा है। हायर सेकेण्डरी स्कूल झिंझरई की छत के बारे में बताया जा रहा है कि पिछले दो सालों से यहाँ की छत जर्जर हालत में है। बारिश के महीनों में छत से पानी लगातार ही टपकता रहता है।

इस शाला भवन के कंप्यूटर कक्ष में भी पानी टपक रहा है। विद्यालय प्रशासन के द्वारा जैसे तैसे तिरपाल लगाकर काम चलाया जा रहा है। वहीं धनौरा क्षेत्र के हाई स्कूल हरदौली में छत जर्जर हो चुकी है। यहाँ बारिश के समय पानी शाला के अंदर गिर रहा है।

कमोबेश हर जगह यही बताया गया कि शाला प्रबंधन के द्वारा उचित माध्यम से इस बात की जानकारी समय रहते जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को दिये जाने के बाद भी अब तक इस मामले में शिक्षा विभाग के द्वारा किसी तरह की कवायद नहीं की गयी है जिसके कारण यही प्रतीत हो रहा है कि इस क्षेत्र में विद्यार्थी अपनी जान हथेली पर रखकर ही शिक्षार्जन कर रहे हैं।

23 thoughts on “खस्ताहाल भवनों में पढ़ रहे नौनिहाल!

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