पर्यूषण पर्व का हुआ समापन

 

(ब्यूरो कार्यालय)

छपारा (साई)। नगर के जैन समाज द्वारा 10 दिनों तक उपवास करने वाले महिला पुरुषों को पारण करा कर उपवास तोड़ा गया। कार्यक्रम के पूर्व पर्युषण पर्व समापन पर एक शोभायात्रा निकाली गयी जो जैन वार्ड से होकर नगर के मुख्य मार्गाें से होते हुए बस स्टैण्ड पहुँची और फिर वापस शोभा यात्रा जैन मंदिर पहुँची।

नगर में इस कार्यक्रम का समापन रविवार को किया गया। इस दिन सामाजिक सदस्यों ने प्रातः अभिषेक पूजन के बाद क्षमा वाणी कार्यक्रम आयोजित कर एक दूसरे से गत वर्ष की गलतियों की परस्पर क्षमा याचना की।

इस अवसर पर आर्यिका रत्न दृढ़मति माता ने सारगर्भित प्रवचन के माध्यम से कहा कि क्षमा माँगना सरल है लेकिन क्षमा करना बड़ा कठिन जो व्यक्ति आपसी बैर भाव को भूल किसी को क्षमा करता है तो उसके इस मानवीय गुण की सर्वत्र प्रशंसा होनी चाहिये।

पर्व के दस दिनों तक माताजी के सान्निध्य में विधान पूजन के साथ प्रवचन का लाभ धर्मालुजनों को प्राप्त हुआ। रात्रि में संगीतमय आरती भजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम नित्य होते रहे। पर्व मे विधान एवं भजन को सागर के बण्डा से आयीं कल्पना दीदी के कोकिल स्वर ने भक्तों को झूम झूमकर भक्ति में डूबा दिया।

समापन पर विमानोत्सव चल समारोह आकर्षक का केन्द्र बना वही गोटेगाँव से आयीं जैन महिला परिषद द्वारा नमोकार की महिमा नामक नाटक का मंच किया। इस अवसर पर गोटेगाँव, बरगी, जबलपुर, सिहोरा, धनौरा से बड़ी संख्या में आये जैन समाज के लोगों ने छपारा पहुँच कर धर्म लाभ प्राप्त किया।

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