एक दर्जन नाराज़ पंच करेंगे जल सत्याग्रह!

 

 

सरपंच, उपसरपंच पर कार्यवाही न होने से क्षुब्ध हैं पंच

(फैयाज खान)

छपारा (साई)। लंबे समय से ग्राम पंचायत छपारा, पंच और सरपंच के बीच जंग का अखाड़ा बनी हुई है। कुछ महीने पहले तक उप सरपंच की अगुआयी में चल रहे आंदोलन से उप सरपंच के द्वारा पृथक कर लिये जाने के बाद अब पंचों ने सरपंच और उप सरपंच के खिलाफ जल सत्याग्रह करने की बात कही है।

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान पंचों ने बताया कि आम जनता की समस्याओं के हल न होने के कारण उनके द्वारा लगातार ही सरपंच और उप सरपंच के कारनामों को उजागर किया जा रहा है। पूर्व में सरपंच श्रीमति पूनम सैयाम के द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार को उजागर किये जाते समय उप सरपंच सुरजीत सिंह के द्वारा कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया जा रहा था, पर अब उप सरपंच भी भ्रष्टाचार में सरपंच के साथ हो लिये हैं।

पंचों ने बताया कि छपारा के नागरिक बुनियादी समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहे हैं। बैनगंगा के मुहाने पर बसे छपारा शहर के वाशिंदे पेयजल को तरस रहे हैं। आलम यह है कि यहाँ के नागरिक एक-एक पखवाड़े तक पानी को तरसते रहते हैं। साफ सफाई पूरी तरह ठप्प हो चुकी है।

पंचों का आरोप है कि उनके द्वारा जब भी सरपंच और उप सरपंच के काले कारनामे उजागर किये जाते हैं तो इन दोनों के द्वारा पंचों को यह कहकर बदनाम किया जाता है कि पंचों के द्वारा विकास कार्य में अड़ंगे लगाये जा रहे हैं, जबकि हकीकत कुछ और ही है।

उन्होंने बताया कि सरपंच और उप सरपंच के द्वारा मिलकर पेयजल आपूर्ति, मोटर सुधरवाने, नयी मोटर खरीदने आदि के नाम पर लाखों रूपयों की बंदरबांट कर ली गयी है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा अगर इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच करवा ली जाये तो दूध का दूध पानी का पानी हो सकता है।

पंचों मंे बिलाल अंसारी, राम सिंग तन्तुवाय, सरिता साहू, शंभू दयाल सरयाम, मेहर सिंह सरयाम, करूणा सोनी, नीतू विश्वकर्मा, ज्योति मेश्राम, ममता सल्लाम, सोना बाई, शिशिर साहू, शीला बाई, शंकरिया बाई आदि ने कहा कि अगर उनकी बात प्रशासन के द्वारा नहीं सुनी गयी तो जल सत्याग्रह करने पर मजबूर हो जायेंगे।