आधा सत्र बीता, अब हुई जाँच मुकम्मल!

 

 

डेढ़ दर्जन विद्यालयों की जाँच के बाद हुए नोटिस जारी

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। अप्रैल में आरंभ हुए नये शैक्षणिक सत्र के छः माह बाद अशासकीय विद्यालयों के द्वारा मनमानी फीस, पाठ्य पुस्तकों एवं गणवेश विक्रय आदि के संबंध में शिक्षा विभाग के द्वारा जाँच पूरी की गयी है। इसमें जहाँ अनियमितताएं मिलीं हैं उन संस्थाओं को नोटिस जारी किये जाने की कार्यवाही की जा रही है।

शनिवार को जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार जिले के अशासकीय विद्यालय द्वारा मनमानी फीस वसूली पाठ्य पुस्तकों एवं गणवेश विक्रय जैसे विषयों पर स्थानीय जन प्रतिनिधियों, पालकों एवं समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह के निर्देशन में जिले के 18 अशासकीय विद्यालयों की जाँच करवायी गयी।

मध्य प्रदेश निजि विद्यालय (फीस तथा संबंधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2017 अंतर्गत की गयी जाँच में अधिनियम के प्रावधान के विपरीत संस्था की बचत राशि 10 फीसदी तथा 10 फीसदी से अधिक बचत राशि होने पर भी सत्र 2018 – 2019 में मिशन इंग्लिश उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिवनी, स्वामी विवेकानंद माध्यमिक विद्यालय कुरई, लिटिल फ्लॉवर कॉन्वेंट स्कूल सिवनी, सरस्वती ज्ञान मंदिर गंगानगर सिवनी तथा सत्र 2019-20 में मिशन इंग्लिश उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिवनी, मॉडर्न उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिवनी, महर्षि विद्या मंदिर सिवनी, स्वामी विवेकानंद माध्यमिक विद्यालय कुरई, लिटिल फ्लॉवर कॉन्वेंट स्कूल सिवनी, अरुणांचल पब्लिक स्कूल सिवनी, आईरिस पब्लिक स्कूल सिवनी, सेंट नॉर्बट स्कूल केवलारी, सेंट फ्रांसिस ऑफ़ एसीसी स्कूल सिवनी द्वारा फीस वृद्धि किया जाना पाया गया।

इसी तरह महर्षि विद्या मंदिर, उदय पब्लिक स्कूल सिवनी एवं सेंट नॉर्बट पब्लिक स्कूल केवलारी द्वारा प्रवेश फॉर्म हेतु तथा अरुणांचल पब्लिक स्कूल सिवनी द्वारा स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) हेतु अधिक राशि वसूली की जाने की पुष्टि हुई। साथ ही आईरिस पब्लिक स्कूल सिवनी द्वारा बिना खेल प्रशिक्षक एवं खेल गतिविधियों के स्पोटर््स फीस लिया जाना पाया गया।

सभी संबंधित विद्यालय प्रबंधन को नियम विरुद्ध शुल्क वृद्धि तथा अन्य विसंगतियों पर कलेक्टर प्रवीण सिंह द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिवस के भीतर स्पष्टीकरण चाहा गया है। डिवाईन कैरेक्टर स्कूल एवं इंटर नेशनल पब्लिक स्कूल सिवनी द्वारा जाँच हेतु माँगे गये अभिलेख उपलब्ध न कराने पर पृथक से नोटिस जारी किया गया है। तय समय मे समाधान कारक उत्तर न देने पर संबंधितांे पर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।