भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा सामुदायिक भवन निर्माण!

 

 

ढाई साल से अटका है निर्माण, वित्तीय अधिकार छिनने के पहले किया भुगतान!

(फैयाज खान)

छपारा (साई)। दलित बस्ती में जनता की सुविधा के लिये जन भागीदारी मद से ढाई साल पहले स्वीकृत सामुदायिक भवन का निर्माण नहीं होने के कारण लोगों में रोष और असंतोष पनप रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन के द्वारा मार्च 2017 में छपारा की दलित बस्ती में सामुदायिक भवन की स्वीकृति प्रदाय की जाकर इसके लिये कार्य एजेंसी के रूप में ग्राम पंचायत छपारा को पाबंद किया गया था। निर्माण के दौरान जिस भूमि पर इसे बनाया जा रहा था उसका विवाद लखनादौन में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय में चल रहा था।

इसके उपरांत फैसला जब आया तब इसके बनने के मार्ग प्रशस्त हो गये। इसके बाद भवन निर्माण का काम आरंभ करवाया गया। निर्माण आरंभ होने के कुछ दिन बाद ठेकेदार के द्वारा काम को रोक दिया गया। ठेकेदार से जब काम रोकने का कारण पूछा गया तो ठेकेदार के द्वारा यह बताया गया कि ग्राम पंचायत के द्वारा उसे निर्माण सामग्री का भुगतान नहीं किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि ठेकेदार को भुगतान न किये जाने के पीछे कमीशन का मामला ही प्रमुख रूप से सामने आ रहा था। लगभग आठ माहों से भवन का निर्माण सिर्फ इसलिये नहीं हो पा रहा था क्योंकि ठेकेदार के द्वारा ग्राम पंचायत के कर्णधारों को कमीशन नहीं दिया जा रहा था।

दशहरा के पूर्व किया भुगतान : सूत्रों ने बताया कि जब ठेकेदार और ग्राम पंचायत के कर्णधारों के बीच कमीशन का मामला सुलझा तब दशहरा पर्व के पूर्व ठेकेदार को लगभग पाँच लाख रूपये का भुगतान कर दिया गया है। इस भुगतान में दस फीसदी कमीशन की बात भी चर्चाओं में है। यह भुगतान तब किया गया था जब सरपंच के पास वित्तीय अधिकार थे, बाद में ये अधिकार सरपंच से छीन लिये गये।