समस्या निराकरण से कोसों दूर हैं जिले के नेता!

 

 

सामाजिक कार्यकर्त्ता लक्ष्मी कश्यप ने लगाये नेताओं पर आरोप

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। सिवनी के विकास के अवरूद्ध होने पर सामाजिक कार्यकर्त्ता लक्ष्मी कश्यप ने इस पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने जिले के सांसद, विधायकों, प्रभारी मंत्री सहित सियासी दलों के नुमाईंदों पर आरोप लगाया है कि किसी के द्वारा भी सिवनी के विकास की चिंता नहीं की जा रही है।

सामाजिक कार्यकर्त्ता लक्ष्मी कश्यप द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार केंद्र और राज्य में किसी भी दल की सरकार रही हो पर इसका प्रभाव सिवनी के विकास पर कतई नहीं पड़ा है। सिवनी में परिवहन के साधन में फोरलेन और ब्रॉडगेज़ का निर्माण मंथर गति से किया जा रहा है।

उनका कहना है कि जिले में मेडिकल कॉलेज़ एक बड़ी उपलब्धि थी पर सियासत करने वालों के द्वारा इसे दलगत राजनीति में उलझा दिया जा रहा है। इसके अलावा जिले में रोजगार के साधनों का अभाव साफ दिखायी दे रहा है।

लक्ष्मी कश्यप का कहना है कि जिले में सियासत करने वाले नेताओं का एक ही प्यारा शगल बनकर रह गया है और वह है सरकारी आयोजनों में भागीदारी। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यायल में ही जनता मूलभूत सुविधाओं को तरस रही है तो ग्रामीण अंचलों के क्या हाल हो रहे होंगे।

उनका कहना है कि जिले में सांसद और विधायकों के कदम ताल देखकर यही प्रतीत होता है कि उनके मन से जिले का विकास कराने की इच्छा ही मानो समाप्त हो गयी हो। उन्होंने कहा कि अगर कोई पार्टी का कार्यकर्त्ता जिले के हित में बात उठाता है तो पार्टी के वरिष्ठ नेता उसे पार्टी लाईन से हटकर काम न करने की नसीहत दे देते हैं और अगर इसके बाद भी वह सिवनी के हित की बात कहता है तो उसे अनुशासन हीनता का प्रमाण पत्र दे दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय में ही लोग खुले में शौच और मूत्र विसर्जित कर रहे हैं तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री कमल नाथ के द्वारा स्वच्छता के संदेशों के क्या मायने रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यायल से ही स्वच्छता अभियान का श्रीगणेश किया जाना चाहिये, इसके लिये खुले में शौच और मूत्र विसर्जन पर पूरी तरह रोक लगना चाहिये।

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