11 दिन बाद भी नहीं हुए यातायात सिग्नल आरंभ!

 

 

उच्च न्यायालय की इंदौर खण्डपीठ के निर्णय का हो सकता है प्रदेश में पालन!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। सांसद डॉ.ढाल सिंह बिसेन की उपस्थिति में जिलाधिकारी के द्वारा 04 अक्टूबर को छः दिन में शहर के यातायात सिग्नल आरंभ करने के निर्देश दिये जाने के बाद भी पालिका के कानों में जूं नहीं रेंग रही है। आदेश दिये जाने के 11 दिन बीत जाने के बाद भी शहर के यातायात सिग्नल्स अभी भी ठूंठ के मानिंद ही खड़े नज़र आ रहे हैं।

ज्ञातव्य है कि जिला मुख्यालय में लगभग पाँच साल से ज्यादा समय से छिंदवाड़ा नाका, नगर पालिका के सामने, कचहरी चौराहा, सर्किट हाउस चौराहा एवं बाहुबली चौराहा पर लाखों रूपये व्यय किये जाकर यातायात सिग्नल्स लगाये गये थे। इनमें से अधिकांश यातायात सिग्नल लंबे समय से बंद ही पड़े हुए हैं।

04 अक्टूबर को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सांसद डॉ.ढाल सिंह बिसेन की उपस्थिति में जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा नगर पालिका को स्पष्ट निर्देश दिये गये थे कि छः दिनों (10 अक्टूबर तक) में शहर के यातायात सिग्नल आरंभ करवा दिये जाने चाहिये। विडंबना ही कही जायेगी कि उनके द्वारा दिये गये निर्देश के 11 दिन बीत जाने के बाद भी यातायात सिग्नल आरंभ नहीं हो सके हैं।

इधर, समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के इंदौर ब्यूरो ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खण्डपीठ के द्वारा दिये गये अंतरिम आदेश के हवाले से बताया कि रिट पिटीशन नंबर 12234 में माननीय न्यायालय के द्वारा दिये गये अंतरिम आदेश के बाद अब यातायात सिग्नल्स के लिये गाईड लाईन जारी कर दी गयी है।

हाई कोर्ट की इंदौर खण्डपीठ की डिविजन बेंच ने ट्रैफिक सुधार को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर पुलिस को अंतरिम आदेश दिये हैं कि शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर रोज सुबह 08 बजे से दोपहर 12 बजे और शाम 07 बजे से रात 11 बजे तक ट्रैफिक पुलिस के दो-दो जवान तैनात रहें।

इसके अलावा सभी ट्रैफिक सिग्नल भी 24 घण्टे चालू रहें। इन सिग्नल्स का समय ऐसा हो कि जब एक चौराहे पर यह हरे हों तो आगे के चौराहों पर भी वाहन चालकों को ट्रैफिक चालू मिले। एक चौराहे से आगे बढ़कर दूसरे पर ठहराव नहीं हो पाये। याचिकाकर्त्ता राजलक्ष्मी फाउण्डेशन की ओर से अमित उपाध्याय ने यह याचिका दायर की थी। पैरवी अधिवक्ता अजय बागड़िया और मनीष गुप्ता ने की।

विधिवेत्ताओं के अनुसार इस अंतरिम आदेश के तहत दिये गये निर्देशों का पालन प्रदेश के हर जिले में किये जाने के लिये राज्य सरकार के द्वारा बाध्य किया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो सिवनी के बंद पड़े यातायात सिग्नल्स को आरंभ करना नगर पालिका की बाध्यता हो जायेगी।

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