कान्हीवाड़ा थाना प्रभारी ने दी सफाई!

 

 

मौके पर पूछा धाराओं का नंबर तब नहीं बताया, अब सीट बेल्ट का दे रहे हवाला!

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (ंसाई)। मण्डला से खारी विसर्जन कर लौट रहे दो वाहनों में गमगीन लोगों के वाहनों का चालान बनाये जाने के संबंध में कान्हीवाड़ा थाना प्रभारी (जेएसआई) दिलीप पंचेश्वर के हवाले से एक समाचार पत्र (दैनिक हिन्द गजट नहीं) के द्वारा इसका स्पष्टीकरण प्रकाशित किया गया है।

उक्त समाचार पत्र के द्वारा बुधवार के अंक में सीट बेल्ट न लगाने पर की कार्यवाही शीर्षक से समाचार का प्रकाशन किया गया है। इस समाचार में दो वाहनों का उल्लेख किया जाकर दिलीप पंचेश्वर के हवाले से यह कहा गया है कि उनके द्वारा नहर की पुलिया के पास की जा रही चैकिंग में इन दोनों वाहनों के चालकों के द्वारा निर्धारित से अधिक सवारी बैठाये जाने और सीट बेल्ट न लगाये जाने के चलते उनका पाँच – पाँच सौ रूपये का चालान बनाया गया है।

इस समाचार के प्रकाशन के बाद कान्हीवाड़ा क्षेत्र में थाना प्रभारी दिलीप पंचेश्वर की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गयी हैं। लोगों का कहना है कि कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र में शालेय वाहनों में निर्धारित से अधिक संख्या में विद्यार्थियों को ढोया जा रहा है। इतना ही नहीं इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाली यात्री बसों में भी निर्धारित से अधिक तादाद में यात्री बैठाये जाते हैं पर इन वाहनों पर थाना प्रभारी की नज़रें शायद ही कभी इनायत हुई हों।

लोगों का कहना है कि जब यह पूरा घटनाक्रम हुआ तब थाना प्रभारी के द्वारा इसकी वीडियोग्राफी भी नहीं करवायी गयी। इतना ही नहीं जब वाहन चालकों ने रसीद में उल्लेखित धाराओं के संबंध में जानना चाहा तो थाना प्रभारी के द्वारा उन्हें किसी योग्य अधिवक्ता से मशविरा करने की बात तक कह दी गयी थी। लोगों का कहना है कि बेहतर होता कि जब चालान काटा गया था उसी वक्त इन धाराओं के संबंध में वाहन चालकों को समझाईश दे दी जाती!

कान्हीवाड़ा थाना सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि सत्तर के दशक से कान्हीवाड़ा थाने में निरीक्षक की ही तैनाती होती आयी है। उस दौर में केवलारी में उप निरीक्षक की तैनाती होती थी और इसके सहित आसपास के अनेक थाना, पुलिस चौकियों पर कान्हीवाड़ा थाना का नियंत्रण रहा करता था। अब यहाँ कनिष्ठ उप निरीक्षक को निरीक्षक के स्थान पर थाना प्रभारी बना दिया गया है।