बरसात के मौसम में कहीं परेशान न करें बीमारियां

 

 

आयुर्वेद के मुताबिक मानसून में हमारी पाचन क्रिया कमजोर हो जाती है। इसका असर शरीर की पित्ति और वात ऊर्जा पर पड़ता है। इससे आपकी पाचन क्रिया, प्रतिरक्षा प्रणाली और जीवन शक्ति भी कमजोर हो जाती है।

वात असंतुलन होने से शरीर में दर्द, सिरदर्द और गैस जैसी समस्यायें हो सकती हैं। पित्त दोष होने से फंगल इंफेक्शन, यूरीन इंफेक्शन, त्वचा और गले में संक्रमण की परेशानी हो सकती है। लेकिन, घबराने की कोई बात नहीं। कुछ बातों का ख्याल रखकर आप बारिश के मौसम का पूरा मजा ले सकते हैं।

अगर आपको डायबिटीज है तो . . .

अपने पैरों का रखें ख्याल

अगर आपको डायबिटीज है तो आपको अपने पैरों का अतिरिक्त ख्याल रखने की जरूरत होती है। डायबिटीज के मरीजों की रक्त वाहिनियां कमजोर हो जाती हैं। इसका असर रक्त प्रवाह कम हो जाता है। इससे पैरों पर बुरा असर पड़ता है।

नंगे पैर न घूमें

यूं तो नंगे पैर कभी नहीं घूमना चाहिये। लेकिन, बारिशों के दिनों में तो ऐसा बिलकुल ही नहीं करना चाहिये। बरसात के दिनों में कई कीड़े मकौड़े घूमते रहते हैं। वे आपके पैरों पर काट सकते हैं। घर के बाहर तो नंगे पैर बिलकुल ही कदम भी न रखें।

पैरों को रखें साफ

अपने पैरों को अच्छी तरह धोयें और सुखायें। जूते पहनने से पहले पैरों पर एंटी-फंगल पाउडर डालें। अगर आपको डायबिटीज है, तो कभी भी ऐसे जूते न पहना करें जो आपके पैरों में सही से फिट न आते हों।

मसाज है बेहतर

अपने पैरों की मसाज करते रहें। रात को सोने से पहले अपने पैरों की तेल से अच्छीं तरह मालिश करें। इससे आपके पैरों की सेहत अच्छी रहती है।

अगर आपको अस्थंमा है तो . . .

आहार का रखें ध्यासन

मानसून के दिनों में अस्थमा के मरीजों को अपने आहार का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। रात के समय खासतौर पर दही, अचार और भारी भोजन के सेवन से बचें। इससे आपकी परेशानी बढ़ सकती है।

प्राणायाम करें

प्राणायाम आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। प्राणायाम के जरिये आप अपनी सांसों की गति को नियंत्रित कर सकते हैं। इससे अस्थमा अटैक की आशंका कम होती है। इसके साथ ही आपको पैदल चलने जैसे हल्के व्यायाम भी करने चाहिये।

सफाई रखें

साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यालन रखें। अलमारी और अन्य बंद स्थानों पर कचरा जमा न होने दें। पान और नीम के पत्ते् घर और अलमारी में रखें, इससे आपको सांस लेने में आसानी होगी।

अगर आपको लिवर की समस्यान है तो . . .

आहार हो सही

जिन लोगों को लिवर संबंधित कोई परेशानी है, बारिशें उनके लिए किसी मुसीबत से कम नहीं होती। बरसात में यूं ही हमारी पाचन श्घक्ति कमजोर हो जाती है। ऐसे मौसम में आपको फल, खिचड़ी, ठंडे सूप और नारियल पानी आदि का सेवन अधिक करना चाहिये। ये आहार पचने में आसान होते हैं। और लिवर के मरीजों के लिए ये काफी फायदेमंद होते हैं।

शराब के सेवन से रहें दूर

शराब का सेवन आपके लिए अच्छो नहीं। मानसून के दिनों में खासकर आपको उच्चे प्रोटीन, एल्कोहल और तला हुआ भोजन नहीं करना चाहिये। इनका सेवन आपकी सेहत पर विपरीत असर डालने का काम करता है।

अगर आपकी त्वचा है संवेदनशील तो . . .

मूंग और चना, फायदा दे घना

मूंग की दाल और चने का पाउडर समान मात्रा में लें। इस पाउडर को पानी या दूध में मिला लें। इस मिश्रण से दिन में दो बार चेहरा धोयें। इससे आपके चेहरे पर जमा गंदगी तो साफ होगी ही साथ ही त्वचा भी सुरक्षित रहेगी।

पपीता, शहद और दूध

पपीते, शहद और दूध का मिश्रण तैयार करें। इसे अपने चेहरे पर लगायें, और 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद सामान्य पानी से चेहरा धो दें।

मसाज

सप्ताक में एक बार आयुर्वेदिक तेल से बॉडी मसाज करवायें। इससे त्वंचा में रक्त संचार सुचारू होगा और साथ ही त्वचा के रोम छिद्र भी खुलेंगे।

बेसन से करें साफ

अपने चेहरे को बेसन, हल्दी और कच्चेर दूध के मिश्रण से साफ करें। इसे अपने चेहरे पर लगायें और 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद इसे साफ पानी से धो लें। इससे आपका चेहरा निखर जाएगा।

(साई फीचर्स)

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