दिखा चाँद, मना करवा चौथ

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। देश भर के साथ ही साथ सिवनी में भी करवा चौथ मनाया गया। देश के कई राज्यों में चाँद का दीदार हुआ। जगह – जगह महिलाओं ने मेहंदी लगवायी तो नये कपड़े भी खरीदे। इसके अलावा व्रत खोलने के लिये तरह – तरह के पकवान भी बने।

ज्ञातव्य है कि राजस्थान में करवाचौथ की पूजा काफी अलग तरह से होती है। यहाँ के माधोपुर में एक पहाड़ी पर चौथ माता का मंदिर बना है, जहाँ पहुँचने के लिये 700 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। करवाचौथ के दिन इस मंदिर में सुहागिनों का रेला लगा रहता है। देश के कई हिस्सों में करवाचौथ का व्रत राजमा चावल से भी खोला जाता है।

यह है करवा चौथ का मतलब : जानकारों के मुताबिक, करवा चौथ दो शब्दों से बना है। इसमें पहला शब्द करवा है, जिसका मतलब मिट्टी का बरतन होता है। वहीं, चौथ चतुर्थी तिथि के लिये इस्तेमाल किया गया है। ज्योतिषियों के मुताबिक, चंद्रमा की 27 पत्नियों में से उन्हें रोहिणी सबसे ज्यादा प्रिय है। यही वजह है कि यह संयोग करवा चौथ को खास बनाता है।

सिवनी में भी सुहागिन स्त्रियों के द्वारा पति की लंबी आयु की कामना के साथ इस पर्व को मनाया गया।