सीबीएसईः हैंडबुक की मदद से सब्जेक्ट्स को बनाएंगे रोचक

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

ग्वालियर (साई)। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेंकेंडरी एजुकेशन(सीबीएसई) ने सालभर का एक्टिविटी कैलेंडर जारी कर दिया है। इसमें बोर्ड ने सभी स्कूलों को एजुकेशन क्वालिटी के लिए काम करने के निर्देश दिए हैं।

बताया जाता है कि इससे पहले बोर्ड ने सिर्फ एक नोटिफिकेशन से एक्टिविटी की जानकारी देता था, लेकिन इस बार हर एक्टिविटी के लिए अलग से हैंडबुक दी है। इसमें बताया गया है कि किस तरह टीचर्स बच्चों को रोचक तरीके से पढ़ा सकते हैं। बोर्ड ने इस साल शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए कई आइडिया दिए हैं, जिन्हें स्कूल फॉलो करेंगे। इसमें जॉयफुल टीचिंग एंड लर्निंग, सोशल एक्टिविटी से बच्चों को जोड़ना, हब ऑफ लर्निंग के लिए आर्ट इंटीग्रेशन आदि शामिल हैं।

जॉयफुल टीचींग एंड लर्निंग : बोर्ड ने कुछ सब्जेक्ट्स को चिन्हित किया है जिन्हें टीचर्स को रोचक एक्टिविटीज के साथ क्लास में बच्चों को पढ़ाना है। इसके लिए एक हैंडबुक रिलीज की है। मैथमेटिक्स सब्जेक्ट में बच्चों को काफी टेंशन रहती है और उन्हें ये सब्जेक्ट बोरिंग लगता है। इस सब्जेक्ट को कुछ जॉयफुल उदाहरणों के साथ बच्चों को पढ़ाया जाएगा।

ईको क्लब के बोर्ड द्वारा जारी की गई हैंडबुक में बताया है कि ईको क्लब के माध्यम से पर्यावरण को स्वच्छ, बायोडायवर्सिटी कंजरवेशन, स्कूल में हर्बल गार्डन, बिल्डिंग बर्ड बॉक्स आदि एक्टिविटीज पर सालभर काम करना होगा।

हैंडबुक ऑन हब ऑफ लर्निंग : हब ऑफ लर्निंग के लिए भी एक हैंडबुक और मैन्युल जारी किया है। 5 या 6 स्कूल्स का नोडल सेंटर एक हब बनाना होगा। इसमें स्कूल अपने यहां चल रही क्रिएटिव एक्टिविटीज को अन्य स्कूल्स से शेयर करेंगे जिससे वे भी अपने शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ा सकें। इसके अंतर्गत टीचर की कमी को भी पूरा किया जाएगा।

हैंडबुक में बतायाः कहां और कितना पानी होता है इस्तेमाल : बोर्ड द्वारा जारी की गई हैंडबुक में बताया है कि पानी का इस्तेमाल किस क्षेत्र में कितना किया जा रहा है। ये रिपोर्ट पूरे देशभर की है। इसके मुताबिक पीने के लिए 04 प्रतिशत, कुकिंग और किचिन में 08 प्रतिशत, पर्सनल हाईजीन में 29 प्रतिशत, वॉशिंग में 10 प्रतिशत एवं टॉयलेट फ्लशिंग में 10 प्रतिशत पानी का इस्तेमाल किया जाता है।