छिंदवाड़ा से सड़कों की निगरानी!

 

 

(शरद खरे)

बीसवीं सदी के अंतिम दशक के उपरांत सिवनी में आये सियासी परिवर्तन के बाद नेत्तृृत्व जिन हाथों में रहा, उनके खातों में सिवनी के लिये कुछ खास उपलब्धियां नहीं हैं। इसके पहले स्व.सुश्री विमला वर्मा के सक्रिय राजनीति में रहते हुए सिवनी जिले का कलश विकास से शायद ही कभी रीता रहा हो। उनके द्वारा सक्रिय राजनीति से किनारा करते ही सिवनी की विकास की योजनाओं को मानो लकवा मार गया है।

लगभग दो साल पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के द्वारा सिवनी जिले में बनायी जाने वाली फोरलेन का नया निर्माण और संधारण करने के काम को नरसिंहपुर स्थित परियोजना निदेशक कार्यालय के अधिकार क्षेत्र से वापस लिया जाकर इसे छिंदवाड़ा में बैठने वाले परियोजना निदेशक के कार्यालय को सौंप दिया गया था।

इस आशय की खबरों के प्रचार-प्रसार के बाद भी जिले के तत्कालीन सांसद-विधायकों ने इसकी सुध नहीं ली। एक समय था जब एनएचएआई के द्वारा सिवनी में फोरलेन का निर्माण आरंभ कराया गया था तब परियोजना निदेशक का कार्यालय सिवनी में हुआ करता था।

सिवनी में फोरलेन के विवादित हिस्से को छोड़कर शेष हिस्से का काम पूरा होने को ही था तब परियोजना निदेशक के कार्यालय को सिवनी से उठाकर नरसिंहपुर स्थानांतरित कर दिया गया। इस मामले में तत्कालीन सांसदों और विधायकों ने अपना मौन नहीं तोड़ा और न ही देश-विदेश की समस्याओं पर विज्ञप्ति जारी करने वाले सिवनी के नेताओं ने ही प्रलाप किया।

अब जबकि सिवनी में फोरलेन के विवादित हिस्से में से छपारा से लखनादौन के बीच के हिस्से का काम पूरा हो चुका है और मोहगाँव से खवासा के बीच लगभग साढ़े सात सौ करोड़ की लागत का काम प्रगति पर है तब छिंदवाड़ा से इसका अधीक्षण (सुपरविजन) कराया जाना हास्यास्पद ही प्रतीत होता है। नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में एनएचएआई के परियोजना निदेशक के कार्यालय अस्तित्व में हैं, इसी तरह सिवनी में भी पीडी का कार्यालय खोला जा सकता है।

यह मामला सीधे-सीधे केंद्र सरकार का नीतिगत मामला है इसलिये इस मामले में सिवनी के दोनों सांसद डॉ.ढाल सिंह बिसेन और फग्गन सिंह कुलस्ते की बातों को केंद्र में वजन मिल सकता है। इसमें से फग्गन सिंह कुलस्ते तो केंद्र में मंत्री भी हैं। वे चाहें तो यह काम मिनिटों में हो सकता है।

संवेदनशील जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह से जनापेक्षा है कि वे ही स्व संज्ञान से इस मामले में कुछ पहल करें ताकि एनएचएआई का परियोजना निदेशक कार्यालय सिवनी में फिर से अस्तित्व में आ सके और सिवनी में होने वाले फोरलेन निर्माण का काम गुणवत्ता के साथ संपन्न हो सके एवं यहाँ की सड़कों के संधारण का काम भी उचित तरीके से कराया जा सके।