गैर महिला से थे संबंध इसीलिये पत्नि का किया कत्ल!

 

 

सिवनी निवासी एक युवक भी था हत्या में सहभागी!

(अपराध ब्यूरो)

छिंदवाड़ा (साई)। जिले के कुण्डीपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम घाट परासिया निवासी नीरज बंदेवार (25) के गैर महिला से संबंध थे जिसकी जानकारी उसकी पत्नि अंजली बंदेवार (25) को लग चुकी थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आये दिन विवाद होते थे। नीरज ने पत्नि को रास्ते से हटाने के लिये दो दोस्तों के साथ मिलकर योजना बनायी।

पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि नीरज बंदेवार के द्वारा सिवनी के सेलुआ निवासी अपने परिचित दोस्त अशरफ खान (20) एवं छिंदवाड़ा स्थित सुभाष कॉलोनी निवासी राहुल गोस्वामी (19) के साथ मिलकर हत्या की योजना बनायी गयी।

उन्होंने बताया कि कि नीरज बंदेवार ने किराये पर चौपहिया वाहन लिया और अंजली से कहा कि तुमको तामिया होते हुए ग्राम भजिया अमरवाड़ा मायके छोड़ देता हूँ। नीरज, अशरफ खान और राहुल गोस्वामी एवं अंजली 13 अगस्त को घर से निकले और तामिया होते हुए होशंगाबाद पहुँचे।

उन्होंने बताया कि नर्मदा नदी पुल के आगे ले जाकर अंजली का रस्सी से गला घोंटकर हत्या की और उसके शरीर पर मौजूद सोने एवं चाँदी के जेवर उतारने के बाद शव पर पत्थर बांधकर उसे नदी में फेंक दिया। कुछ जेवर पति नीरज ने रखे और कुछ दोस्त राहुल एवं अशरफ को दिये।

उन्होंने बताया कि रात लगभग 02 बजे के बाद महिला का मोबाईल बंद हो गया जो दोबारा चालू नहीं हुआ। छिंदवाड़ा लौटकर 14 अगस्त को नीरज ने ससुराल भजिया फोन पर चर्चा में कहा कि अंजली 13 अगस्त को मायके भजिया जाने के लिये निकली थी। परिजनों को बुलाकर उसने कुण्डीपुरा थाना पहुँचकर अंजली के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज करायी।

मोबाईल से पकड़े गये आरोपी : मृतिका अंजली के पिता ने 01 अक्टूबर को एसपी मनोज कुमार राय की जन सुनवायी में उपस्थित होकर दामाद पर बेटे को गायब करने का संदेह जताया। मनोज कुमार राय के निर्देश पर जाँच और छानबीन आरंभ की गयी तो अंजली के मोबाईल की अंतिम लोकेशन होशंगाबाद नर्मदा नदी के पुल की मिली और रात दो बजे के बाद वह बंद हो गया, लेकिन अन्य दो मोबाईल जिसमें एक उसके पति नीरज का था और दूसरा अशरफ, उनकी लोकेशन भी 13 अगस्त को अंजली के मोबाईल के साथ ही थी, लेकिन 14 अगस्त को दोनों मोबाईल की लोकेशन छिंदवाड़ा की मिली। संदेह के आधार पर पुलिस ने नीरज और उसके दोस्त अशरफ को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तब उन्होंने हत्या कर शव को नर्मदा नहीं में फेंकना कबूला।