कब होगी झोलाछाप चिकित्सकों पर कार्यवाही

 

 

रस्म अदायगी के नाम पर निकलते हैं आदेश!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। बिना पंजीयन दवाखाने संचालित करने वाले, नागपुर और अन्य प्रदेशों से आकर मरीज़ों की जेब तराशी करने वाले चिकित्सकों के साथ ही साथ झोला छाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्यवाही करने में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को पसीना आता दिख रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि सीएमएचओ कार्यालय के द्वारा साल में तीन चार बार महज रस्म अदायगी के लिये चिकित्सकों को नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद कार्यवाही ठण्डे बस्ते के हवाले कर दी जाती है।

सूत्रों की मानें तो हाल ही में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के उप संचालक के हवाले से एक विज्ञप्ति प्रकाशित हुई थी जिसमें कहा गया था कि दवा विक्रेताओं के द्वारा झोला छाप चिकित्सकों को बड़ी तादाद में दवाएं प्रदाय की जा रही हैं। इस बात से यह साफ हो रहा है कि स्वास्थ्य विभाग भी इस बात को मान रहा है कि जिले में झोला छाप चिकित्सक बहुतायत में सक्रिय हैं।

सूत्रों ने कहा कि कुछ माह पहले जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा चिकित्सकों को साफ तौर पर ताकीद किया था कि वे अस्पताल के समय में निजि चिकित्सा न करें। इसके लिये तत्कालीन सीएमएचओ डॉ.करूणेश सिंह मेश्राम के द्वारा एक पखवाड़े का समय चाहा गया था। इसके बाद लगभग दो माह बीत गये किन्तु स्वास्थ्य महकमे के द्वारा किसी तरह की कार्यवाही को अंजाम नहीं दिया गया है।

सूत्रांे ने बताया कि तत्कालीन सीएमएचओ डॉ.के.सी. मेश्राम के कार्यकाल में जितने संचालकों को नोटिस जारी हुआ था। उन लोगों ने शत प्रतिशत पंजीयन नहीं कराया था। नये सीएमएचओ ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ.के.आर. शाक्य के द्वारा अभी तक इसकी जानकारी नहीं ली गयी है कि जिले में कितने बिना पंजीयन के क्लीनिक संचालित हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य महकमा इसे लेकर कितना गंभीर है।