आईपीपी 6: प्रशिक्षण केंद्र या सीएमएचओ आवास!

 

 

आवासीय प्रशिक्षण केंद्र पर फिर सीएमएचओ का कब्जा!

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का ईयर मार्क आवास होने के बाद भी सीएमएचओ डॉ.के.आर. शाक्य ने आईपीपी 06 को अपना आशियाना बनाया हुआ है। इस भवन का उपयोग स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिये किया जाता है। यहाँ अधिकांश महिला कर्मचारी प्रशिक्षण के लिये आतीं हैं जो पुरूष के वहाँ निवास करने से असहज महसूस कर रहीं हैं।

ज्ञातव्य है कि नब्बे के दशक तक जिले में स्वास्थ्य विभाग की कमान जिला परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) के हाथ में हुआ करती थी। उस समय जिला चिकित्सालय का मुखिया सिविल सर्जन कहलाता था। बारापत्थर में धोबी टांके के बाजू वाला आवास सिविल सर्जन के नाम पर ईयर मार्क किया गया था।

इसके उपरांत जब व्यवस्थाओं में आंशिक तब्दीली की गयी और स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तर की कमान डीएचओ के स्थान पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का पद सृजित कर दी गयी तब इस सिविल सर्जन वाले आवास को सीएमएचओ के नाम पर कर दिया गया था।

पूर्व सांसद एवं तत्कालीन विधायक श्रीमति नीता पटेरिया के पति डॉ.हरि प्रसाद पटेरिया को जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का चालू प्रभार (करंट चार्ज) दिया गया तब उन्होंने सीएमएचओ के आवास में रहना आरंभ किया। इसके बाद यह प्रभार लखनादौन की तत्कालीन विधायक श्रीमति शशि ठाकुर के पति डॉ.वाय.एस. ठाकुर को दिया गया तब डॉ.ठाकुर के लिये डॉ.पटेरिया के द्वारा आवास रिक्त नहीं किया गया।

मजबूरी में डॉ.वाय.एस. ठाकुर ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आवास लेकर निवास करना आरंभ कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुराने अस्पताल में एक भवन को दुरूस्त करवाकर उसमें निवास करना आरंभ किया। इस भवन में तत्कालीन सीएमएचओ डॉ.चौहान ने भी निवास किया।

उनके उपरांत डॉ.आर.के. श्रीवास्तव को सीमएचओ का करंट चार्ज दिया गया। उन्होंने पुराने अस्पताल स्थित सरकारी आवास की बजाय जिला अस्पताल परिसर में बने आवासीय प्रशिक्षण केंद्र को ही अपना आशियाना बनाया। वे जब सेवा निवृत्त हुए उसके बाद भी वे इस भवन में ही रहते आये, बाद में उन्होंने इस भवन को रिक्त किया।

उनके बाद डॉ.करूणेश सिंह मेश्राम को प्रभारी सीएमएचओ बनाया गया। उन्होंने बारापत्थर में एक मकान किराये से लिया और उसमें रहना आरंभ कर दिया। उनके द्वारा भी सीएमएचओ के लिये ईयर मार्क आवास को रिक्त करवाने का प्रयास नहीं किया गया।

वर्तमान प्रभारी सीएमएचओ डॉ.के.आर. शाक्य ने जब पदभार ग्रहण किया तब पुराने अस्पताल के सरकारी आवासों को जर्जर हालत में पहुँचने के चलते जमींदोज करने का प्रस्ताव आ गया। उन्होंने भी सीएमएचओ के आवास को रिक्त करवाने अथवा शहर में आवास किराये पर लेने की बजाय डॉ.आर.के. श्रीवास्तव के मानिंद ही आईपीपी 06 को अपना आशियाना बना लिया है।

बताया जाता है कि आईपीपी 6 के रसोई घर, टीवी, गीजर, कूलर, एसी आदि का उनके द्वारा बिना किसी खौफ के उपयोग किया जा रहा है। इस भवन में जिले से आने वाली एएनएम, एलएचवी, स्टाफ नर्स आदि प्रशिक्षण लेतीं हैं एवं अगर प्रशिक्षण एक दिन से ज्यादा का होता है तो उनके विश्राम के लिये यह आवासीय प्रशिक्षण केंद्र बनाया गया है।

बताया जाता है कि इस भवन में सीएमएचओ का अनाधिकृत आवास होने के कारण महिला कर्मचारी अपने आप को असहज ही महसूस करतीं हैं। चूँकि वहाँ विभाग प्रमुख ही निवास कर रहे हैं इसलिये किसी भी महिला कर्मचारी के द्वारा इस बात की शिकायत करने से परहेज ही किया जाता है।