अंग्रेजों के जमाने के स्विमिंग पूल में नहाएंगे सैलानी

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

पचमढ़ी (साई)। प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में जल्दी ही एक लुप्तप्राय हो चुके टूरिस्ट पॉइंट को लोग सालों बाद फिर से देख सकेंगे। पचमढ़ी के इतिहास में सखाराम खड्ढ के नाम से पहचाने जाने वाला यह स्थान वास्तव में अंग्रेजों का स्विमिंग पूल हुआ करता था, जिसे विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण पचमढ़ी साडा और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व मिलकर फिर से संवार रहे हैं।

यह स्विमिंग पूल पचमढ़ी में बी फॉल जाने वाले रास्ते पर है। यहां मुख्य रास्ते से उतरने पर इस पूल तक जाने का रास्ता मिल जाता है। मुख्य रोड से जंगली रास्ते में नीचे उतरनेपर पहाड़ी चट्टान को काटकर बनाई गई सीढ़ियां नजर आती हैं। गहरी ढलान पर सीढ़ियां हैं, बाकी रास्ता मैदानी है। जाते में ढलान के कारण थकान नहीं होती, लेकिन वापसी में चढ़ाई के कारण थोड़ी थकान हो जाती है।

साडा सीईओ पवन राय ने बताया, यह प्राकृतिक स्विमिंग पूल है। पहाड़ी में एक विशाल गोलाकार गड्ढा बना हुआ है, जिसे पहाड़ों में से निकली प्राकृतिक जलधारा का पानी भरता है। इस पानी को रोकने के लिए एक दीवार बनाई गई है। ओवरफ्लो होने पर दीवार के ऊपर से पानी वह जाता है जो आगे जाकर बी फाल में मिलता है।

सखाराम खड्ड मूल रूप से स्विमिंग पूल ही है जो कि लुप्त प्राय हो गया था। पचमढ़ी साडा और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व मिलकर इसे तैयार कर रहे हैं। जल्दी ही तैयार हो जाएगा।

संजीव शर्मा, एसडीओ,

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पचमढ़ी.