पुलिस को पैसे देता था जुआ फड़ संचालक!

 

 

पुलिस को दिये जुआरियों ने बयान! घंसौर पुलिस की स्थिति संदिग्ध!

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (साई)। घंसौर तहसील में मेहता से ग्वारी के बीच शुक्रवार को एसडीओपी श्रृद्धा सोनकर के द्वारा जुआ फड़ में मारे गये छापे के दूसरे दिन घंसौर थाने में गहमा गहमी का वातावरण बना रहा। घंसौर पुलिस के द्वारा जुआरियों के बयान लिये गये हैं, जिसमें अनेक चौंकानें वाली बातें सामने आयी हैं।

घंसौर पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि घंसौर क्षेत्र में जुआ सट्टे का काम करने वाले आदतन आरोपी घसीटा के द्वारा मेहता के पास जुए की फड़ चलाये जाने की जानकारी पुलिस अधीक्षक को मिलने के बाद यह कार्यवाही की गयी थी। इस कार्यवाही के बाद फड़ संचालक घसीटा फरार हो गया था।

सूत्रों ने बताया कि पुलिस के द्वारा पकड़े गये जुआरियों और अन्य लोगों से पूछताछ में अनेक हैरत अंगेज बातें सामने आयी हैं। पुलिस को यह बात भी पता चली है कि घसीटा के द्वारा पुलिस को बकायदा सेट किया जाकर ही जुए की फड़ का संचालन किया जाता था।

सूत्रों ने यह भी बताया कि घंसौर पुलिस को इस बात की जानकारी भी मिली है कि घसीटा के द्वारा घंसौर में पदस्थ अनेक लोगों को रिश्वत दी जाकर जुए और सट्टे का कारोबार बेधड़क किया जाता था। चूँकि इस मामले में पुलिस अधीक्षक स्तर से निर्देश मिले हैं इसलिये अब इस मामले में कार्यवाही में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि घंसौर की अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्रृद्धा सोनकर के द्वारा बकायदा इन लोगों के बयान भी रिकॉर्ड किये गये हैं। अब पुलिस इस जुए की फड़ के संचालक घसीटा की तलाश में शिद्दत से जुट गयी है। घसीटा के संभावित ठिकानों पर पुलिस के द्वारा पतासाजी की जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि लोक सभा चुनावों के पूर्व घसीटा के रिकॉर्ड को देखते हुए उसका जिला बदर का प्रकरण भी पुलिस के द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष पेश किया गया था। उसके बाद से यह प्रकरण प्रचलन में है और इसके बाद भी घंसौर थाने में घसीटा के खिलाफ जुए और सट्टे के प्रकरण कायम हुए हैं।

इस मामले में पूछताछ जारी है. पूछताछ पूरी होने और पुष्टि होने के बाद ही किसी तरह की जानकारी दी जा सकेगी.

श्रृद्धा सोनकर,

एसडीओपी, घंसौर.