दुश्मन के छक्के छुड़ा देगी जबलपुर में बनी शारंग तोप

 

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

जबलपुर (साई)। सेना के लिए वाहन बनाने वाली वीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) अब तोप निर्माण में हाथ आजमा रही है। सेना से मिले 155 एमएम 45 कैलीबर शारंग तोप प्रोजेक्ट में बड़ी सफलता हासिल कर ली है। फैक्ट्री में पहली तोप लगभग तैयार हो चुकी है।

नवम्बर माह के पहले सप्ताह में फैक्ट्री के द्वारा इटारसी स्थित सेना की रेंज में तोप को भेजकर पू्रफ करवाया जाएगा, वहीं नवम्बर माह के तीसरे सप्ताह में दूसरी तोप तैयार करने का लक्ष्य बनाया गया है। अपग्रेड होने के बाद इस तोप की मारक क्षमता बढ़कर करीब 38 किमी हो गई है, इसमें कई आधुनिक उपकरण भी लगाए जा रहे हैं। गन कैरिज फैक्ट्री की तरह वीएफजे को भी नए प्रोजेक्ट के रूप में 130 एमएम आर्टिलरी तोप को 155 एमएम 45 कैलीबर में अपग्रेड करने का काम सौंपा गया है। पहले दौर में करीब 30 तोप को अपग्रेड किया जाना है, इसमें 12 वीएफजे तो 18 जीसीएफ के खाते में हैं। काम की कमी से जूझ रही वीकल फैक्ट्री को ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) ने शारंग तोप के रूप में संजीवनी दी थी। कर्मचारी इस तोप को अपग्रेड कर रहे हैं।

ऑटोमैटिक सिस्टम पर काम

वीएफजे को सेना की तरफ से दो 130 एमएम तोप उपलब्ध कराई गई हैं। कुछ समय तक तो यह तोप फैक्ट्री में रखी रहीं, लेकिन बीते कुछ महीनों में प्रोजेक्ट को तेजी

से आगे बढ़ाया गया। आयुध निर्माणी कानपुर से दो बैरल भी भेजी गईं। इन्हें तोप में फिट कर दिया गया है, वहीं ऑटोमेशन सिस्टम पर काम चल रहा है। माना जा रहा है कि नम्बर के पहले सप्ताह में काम पूरा हो जाएगा। फैक्ट्री प्रबंधन की योजना है कि एक से दस नवम्बर के बीच पू्रफ फायरिंग करवा दी जाए। दूसरी तरफ माह के अंत में दूसरी तोप को भी तैयार किया जाएगा।

300 तोप होनी है अपग्रेड

सेना ने अपने बेड़े में शामिल 300 से ज्यादा 130 एमएम तोप को अपग्रेड करवाने का टेंडर निकाला था, इसमें ओएफबी ने बाजी मारी थी। यह काम जीसीएफ-वीएफजे के अलावा कानपुर आयुध निर्माणी मिलकर कर रही हैं, इसमें बैरल और मजल ब्रेक की सप्लाई कानपुर से होगी। असेम्बली वीएफजे और जीसीएफ में होगा, वहीं इटारसी सहित दूसरी पू्रफ रेंज में फायरिंग के उपरांत इसे सेना के सुपुर्द किया जाएगा।