चौथी बार सिवनी को मिला केंद्र में प्रतिनिधित्व

 

 

(लिमटी खरे)

नरेंद्र मोदी के नेत्तृत्व में दूसरी बार बनी केंद्र सरकार में सिवनी के एक सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को दूसरी बार मंत्री मण्डल में स्थान मिला है। भले ही सिवनी की लोक सभा सीट का विलोपन कर दिया गया हो पर सिवनी को परिसीमन के बाद दो सांसद मिले हैं। वर्तमान में केवलारी और लखनादौन विधानसभा क्षेत्रों का लोकसभा में फग्गन सिंह कुलस्ते द्वारा तो बरघाट और सिवनी का डॉ.ढाल सिंह बिसेन के द्वारा प्रतिनिधित्व किया जा रहा है।

सिवनी लोकसभा का गठन 1977 में किया गया था। सिवनी के दूसरे सांसद स्व.गार्गी शंकर मिश्र बने थे। गार्गी शंकर मिश्र को पेट्रोलियम और कोयला राज्य मंत्री बनाया गया था। इसके बाद सुश्री विमला वर्मा जब सांसद बनीं तो उन्हें मानव संसाधन राज्य मंत्री बनाया गया था।

सिवनी को प्रदेश में सदा से ही प्रतिनिधित्व मिलता रहा है। सिवनी के विधायक इतने दमखम और जनाधार वाले होते आये हैं कि प्रदेश में तीन-तीन विधायकों को एक साथ मंत्री मण्डल में प्रतिनिधत्व मिला और तो और सिवनी में तीन-तीन वज़नदार विभागों के मंत्री स्व.हरवंश सिंह ठाकुर और डॉ.ढाल सिंह बिसेन रहे हैं।

डॉ.ढाल सिंह बिसेन के मंत्री पद त्यागने के बाद मानो सिवनी की किस्मत रूठ सी गयी हो। उनके बाद सिवनी में निगम मण्डलों में तो लाल बत्तियां मिलीं हैं किन्तु प्रदेश मंत्री मण्डल में सिवनी को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। लगभग एक दशक से सिवनी जिला, मंत्री विहीन है। सिवनी के पिछड़ने का एक कारण यह भी हो सकता है।

सुश्री विमला वर्मा जब प्रदेश में मंत्री रहीं तब उनके द्वारा प्रदेश में लागू की जाने वाली योजनाओं को सिवनी में लागू करवाया जाता रहा है वह भी प्राथमिकता के आधार पर। सिवनी को हर दृष्टिकोण से विकसित करने में सुश्री विमला वर्मा ने कोई कसर नहीं रख छोड़ी। आज जो भी विकास दिख रहा है वह उनके कार्यकाल का ही माना जा सकता है।

स्व.विमला वर्मा प्रदेश में भले ही मंत्री रहीं हों पर उन्होंने केंद्र पोषित योजनाओं को भी लागू करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सुश्री विमला वर्मा के खाते में अनगिनत उपलब्धियां हैं। आज युवा पीढ़ी के सामने जिला चिकित्सालय मानो शहर के अंदर का एक अंग हो गया है। विमला बुआ जानतीं थीं कि शहर का विस्तारीकरण होगा और आने वाले समय में वीरान पड़े बारापत्थर में बहार आ जायेगी। इसी तरह सिवनी जिले में कृषि को बढ़ावा देने, पानी की कमी दूर करने एशिया के सबसे बड़े मिट्टी के बांध को बनाने के लिये उन्होंने ठानी।

उस समय भीमगढ़ बांध के निर्माण हेतु जिला मुख्यालय में अपर बैनगंगा कॉलोनी का निर्माण करवाया गया, तब यह शहर से बहुत दूर प्रतीत होती थी। आज बसाहट इसके आसपास तो क्या आगे तक पहुँच चुकी है। सिवनी में सिंचाई विभाग का मुख्य अभियंता कार्यालय किसी और की नहीं, विमला बुआ की ही देन है।

सिवनी में दूध डेयरी, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, लोक निर्माण विभाग का अधीक्षण यंत्री कार्यालय, लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्यपालन यंत्री कार्यालय, सेतु निगम का कार्यपालन यंत्री कार्यालय, राज्य सड़क परिवहन निगम का संभागीय प्रबंधक का कार्यालय, सपनि की संभागीय कर्मशाला.. न जाने कितनी सौगातें हैं जो विमला वर्मा के द्वारा प्रदाय की गयी हैं।

स्व.विमला वर्मा विधायक और सांसद रहीं हैं। मानव संसाधन मंत्री रहते हुए उनके द्वारा केंद्रीय विद्यालय के लिये जो जतन किये गये, वे किसी से छुपे नहीं हैं। उनके सक्रिय राजनीति से किनारा करते ही मूल्य आधारित राजनीति में गिरावट दर्ज की जाने लगी। सक्रिय राजनीति से लगभग दो दशक तक दूर रहने के बाद भी, अंतिम दिनों तक उनसे मिलने जुलने वालों का तांता उनके निवास पर लगा रहना ही उनकी लोकप्रियता को साबित करने के लिये काफी रहा।

वहीं, स्व.हरवंश सिंह ने तत्कालीन संचार मंत्री स्व.अर्जुन सिंह से नजदीकी का फायदा उठाते हुए सिवनी को उस समय सब्सक्राईबर डायलिंग सिस्टम (एसटीडी) से जुड़वा दिया था, यह सुविधा उस समय गिनती के शहरों में थी। यह वाकई अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है।

बहरहाल, फग्गन सिंह कुलस्ते तीसरी बार केंद्र में मंत्री बने हैं। इसके पहले जब वे मंत्री बने थे तब वे सिर्फ मण्डला संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे, पर अब वे डिण्डोरी, मण्डला और सिवनी जिले को मिलाकर बनाये गये संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, इस लिहाज़ से अब उनके कंधों पर मण्डला, डिण्डोरी के साथ ही साथ सिवनी जिले के विकास की जवाबदेही भी आहूत होती है।

सिवनी में ब्रॉडगेज़ का काम जारी है। उनके संसदीय क्षेत्र में कान्हीवाड़ा में पूर्ण रेल्वे स्टेशन और जबलपुर से धूमा लखनादौन रेल लाईन की माँग जोर पकड़ रही है। सिवनी में फोरलेन की राह में आयीं बाधाएं हट चुकी हैं लेकिन उसका काम अत्यंत मंथर गति से चल रहा है। इसके साथ ही साथ औद्योगिक दृष्टि से सिवनी आज भी पिछड़ा है। सिवनी में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के साधनों का अभाव किसी से छुपा नहीं है।

इसके अलावा अनेक योजनाएं केंद्र के खाते से सिवनी में लागू करवायी जा सकती हैं। यह शुभ संकेत है कि फग्गन सिंह कुलस्ते को नरेंद्र मोदी सरकार में प्रतिनिधित्व मिला। यह चौथा मौका है जब सिवनी को केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व मिला है। पहली दो बार में से सुश्री विमला वर्मा के द्वारा तो उन्हें मिले जनादेश का कर्ज अदा किया गया है, अब बारी फग्गन सिंह कुलस्ते की है। उम्मीद की जानी चाहिये कि अब सिवनी के विकास के मार्ग प्रशस्त हो सकें. . .।