पुलिस की फील्डिंग से बच नहीं पाया गौ तस्करों का ट्रक!

 

 

लगभग सवा सौ किलोमीटर छकाया, अंत में चढ़ ही गया पुलिस के हत्थे!

(अय्यूब कुरैशी)

सिवनी (साई)। अयोघ्या मामले का फैसला कभी भी आ सकता है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले में पुलिस एलर्ट मोड पर है, इसके बावज़ूद भी कान्हीवाड़ा पुलिस को ठेंगा दिखाते हुए गौवंश का परिवहन बदस्तूर जारी है। गौ वंश के परिवहन में संलिप्त एक ट्रक को डूण्डा सिवनी पुलिस ने लंबी दूरी तक पीछा करने के बाद अंततः पकड़ने में सफलता हासिल की है।

डूण्डा सिवनी पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि डूण्डा सिवनी पुलिस को मुखबिर के जरिये सूचना मिली थी कि कान्हीवाड़ा क्षेत्र के चुटका, उमरिया क्षेत्र से तीन ट्रकों में गौवंश को भरकर कत्लखाने ले जाया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि मामला चूँकि कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र का था अतः डूण्डा सिवनी पुलिस को लगा कि कान्हीवाड़ा पुलिस इस मामले में कार्यवाही कर लेगी, पर जब सूचना मिली तब यह बात भी सामने आयी थी कि उनमें से एक वाहन कान्हीवाड़ा थाने की सीमा से बाहर निकल चुका है।

सूत्रों ने बताया कि मुखबिर ने यह सूचना भी दी थी कि वाहन क्रमाँक सीजी 04 जे 9259 में गौवंश भरे जाकर इसके आगे – आगे एक बाईक क्रमाँक एमपी 22 एमजी 4268 के चालक के द्वारा इस वाहन के सामने – सामने चलकर रास्ते का मुआयना किया जाकर खतरे से वाहन चालक को आगाह करने का काम भी किया जा रहा था।

सूत्रों ने बताया कि डूण्डा सिवनी पुलिस ने पुख्ता सूचना मिलते ही एक निजि वाहन में पुलिस पार्टी को रवाना किया गया। इस पार्टी का नेत्तृत्व डूण्डा सिवनी थाना प्रभारी अमित दाणी स्वयं कर रहे थे। इस वाहन ने जैसे ही बरेलीपार के पास पुलिस पार्टी को क्रॉस किया, वैसे ही पुलिस पार्टी के द्वारा अपना वाहन वापस लिया गया।

सूत्रों ने बताया कि वाहन के वापस लेतेे ही मोटर साईकिल पर चल रहे व्यक्ति के द्वारा इसकी सूचना ट्रक चालक को दिये जाने के बाद ट्रक चालक के द्वारा ट्रक को बरेलीपार से अंदर ही अंदर कण्डीपार तक ले जाया गया। पुलिस को इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस के द्वारा कोतवाली एवं बण्डोल पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गयी।

सूत्रों ने बताया कि कण्डीपार वाले रास्ते पर पुलिस को देखते ही गौवंश वाले वाहन के चालक ने उसे बरघाट रोड की ओर मोड दिया। इसके बाद पुलिस पार्टी ने इसकी जानकारी बरघाट पुलिस को भी दे दी। बरघाट पुलिस के द्वारा खूंट में वाहनों की चैकिंग आरंभ कर दी गयी।

सूत्रों की मानें तो गौवंश के वाहन के चालक ने इसके बाद इस वाहन को बरघाट से अरी जाने वाले मार्ग पर मोड़ दिया। पुलिस पार्टी के द्वारा अरी पुलिस को इसकी सूचना दी जाकर अरी के पास घेराबंदी की पुख्ता व्यवस्था करवायी गयी। इसी बीच वाहन चालक को इस बात का संभवतः अहसास हुआ और वाहन चालक के द्वारा वाहन को अरी से सिवनी की ओर मोड़ दिया गया।

सूत्रों ने बताया कि अरी से सिवनी की ओर भाग रहे वाहन की सूचना कोतवाली पुलिस को मिली, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने भी अपनी तगड़ी फील्डिंग जमा दी। वाहन चालक के द्वारा पुलिस को देख एक बार फिर वाहन को बरघाट की ओर जाने वाले अंदरूनी रास्ते पर मोड़ दिया गया।

सूत्रों ने आगे बताया कि ट्रक चालक और उसके आगे चल रही बाईक के चालक के द्वारा वाहन को बरघाट थाना क्षेत्र के कुड़ोपार क्षेत्र में छोड़कर, वे वहाँ से फरार हो गये। पुलिस ने अंततः लगभग सवा सौ किलोमीटर छकाने वाले इस वाहन और मोटर साईकिल को कुड़ोपार से जप्त कर लिया है।

इसके साथ ही पुलिस ने ट्रक में भरे गये 40 नग मवेशियों को आज़ाद कराते हुए उन्हें गौशाला भिजवा दिया। बताया जाता है कि इन मवेशियों को कान्हीवाड़ा थाना के अंतर्गत आने वाले ग्राम चुटका उमरिया से वाहन में भरा गया था।

इसके साथ ही यह भी बताया जाता है कि पुलिस की मुस्तैदी की सूचना आरोपियों को मिल गयी थी जिसके कारण दो अन्य वाहनों में मवेशियों को या तो भरा ही नहीं गया होगा अथवा वे किसी अन्य रास्ते से अपने मकसद में कामयाब हो गये होंगे। बहरहाल, पुलिस ने इस मामले में पकड़े गये ट्रक के स्वामी दुर्गेश डहेरिया के साथ ही साथ इस वाहन के चालक और बाईक चालक के विरूद्ध मामला कायम करते हुए अपनी जाँच में ले लिया है।