हर्ष फायरिंग पर अब हो सकती है 02 साल तक की जेल

 

 

 

 

गृह मंत्रालय ने तैयार किया ड्राफ्ट

(ब्यूरो कार्यालय)

नई दिल्ली (साई)। शादी और दूसरे मौकों पर हर्ष फायरिंग करने वालों पर अब गृह मंत्रालय और सख्ती कर सकता है।

मंत्रालय ने हर्ष फायरिंग के दोषियों के लिये 02 साल की सजा और 01 लाख तक का जुर्माना लगाने का प्रस्ताव दिया है। आमर््स एक्ट 1959 में बदलाव कर हर्ष फायरिंग के खिलाफ सख्ती बढ़ायी जा सकती है। सार्वजनिक समारोह, धार्मिक स्थल, शादी की पार्टियों और दूसरे मौकों पर हर्ष फायरिंग करने पर सख्त सजा मिल सकती है।

कुछ विशेष समुदाय में शादी के फंक्शन में हर्ष फायरिंग की परंपरा रही है। ऐसे मौकों पर की जाने वाली इस फायरिंग में कई बार लोगों की जान तक चली गयी है। कुछ घटनाएं तो ऐसी भी हुई हैं जिनमें हर्ष फायरिंग के कारण दूल्हा, दुल्हन या किसी करीबी रिश्तेदार की जान चली गयी।

आमर्स एक्ट 1959 में संशोधन का ड्राफ्ट सोमवार को सार्वजनिक किया गया है। इस पर 18 नवंबर तक अपने सुझाव दिये जा सकते हैं। नये नियम के तहत एक मौके विशेष पर सिर्फ एक ही हथियार रखा जा सकेगा। हालांकि, ड्राफ्ट में लाईसेंस की अवधि को 03 साल से बढ़ाकर 05 साल करने का प्रस्ताव है।

हथियार रखने पर भी ड्राफ्ट में कई बदलाव : नये ड्राफ्ट के तहत ऐसे लोग जिनके पास एक ही वक्त में एक से अधिक हथियार हैं, उन्हें अपना एक हथियार जमा कराना होगा। एक साल की समय अवधि के अंदर ही एक हथियार जमा कराना अनिवार्य होगा। एक बार हथियार जमा कराने के साथ ही 90 दिन में उन हथियारों का लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा। इसके साथ ही हथियार धारकों के लिये अनिवार्य होगा कि वह सरकार द्वारा प्रमाणित किसी राइफल क्लब के सदस्य हों।

अवैध हथियार खरीद – बिक्री पर कसेगा शिकंजा : ड्राफ्ट में अवैध तरीके से हथियारों की खरीद – बिक्री पर रोक लगाने के लिये भी सख्ती का सुझाव दिया गया है। इसके तहत बिना लाईसेंस के हथियार बनाने, बेचने, भारत में लाने या फिर देश से बाहर निर्यात करने पर 07 साल की जेल की सजा से लेकर उम्रकैद की सजा तक की सिफारिश की गयी है। मौजूदा कानूनों के तहत अवैध तरीके से हथियार निर्माण, खरीद – बिक्री पर 03 साल से लेकर 07 साल तक की सजा का प्रावधान है।

हथियारों के सिंडिकेट क्राइम पर नये कानून से लगेगी लगाम : अवैध हथियार निर्माण और खरीद बिक्री के साथ ही हथियारों के अपराध से जुड़े सिंडिकेट क्राइम को रोकने के लिये ठोस कदम उठाने का प्रस्ताव है। अवैध तरीकों से हथियारों का जखीरा इकट्ठा करने, मेन्युफेक्चर और बिक्री करने के अपराध में कम से कम 10 साल की जेल का सिफारिश की गयी है। इसी अपराध में अधिकतम सजा उम्रकैद की सिफारिश की गयी है।