उपेक्षित कर्माझिरी का गेट!

 

 

(शरद खरे)

देश प्रदेश सहित अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान रखने वाला पेंच नेशनल पार्क इन दिनों गुलज़ार है। ब्रितानी घूमंतु पत्रकार रूडयार्ड किप्लिंग के मशहूर उपन्यास द जंगल बुक के भेड़िया बालक वाले किरदार मोगली की कथित कर्मभूमि भी माना जाता है पेंच नेशनल पार्क को।

पेंच नेशनल पार्क में प्रवेश के लिये तीन द्वार हैं। इनमें से सिवनी जिले में एक खवासा के समीप टुरिया ग्राम के पास, दूसरा कर्माझिरी के पास से एवं तीसरा छिंदवाड़ा जिले के जमतारा में है। टुरिया वाले प्रवेश द्वार से प्रतिदिन सुबह 37 एवं शाम 37 इस तरह कुल 74, कर्माझिरी में सुबह और शाम 08-08 इस तरह कुल 16 एवं छिंदवाड़ा जिले के जमतरा में सुबह 05 एवं शाम को चार इस तरह कुल 09 जिप्सियां पार्क के अंदर प्रवेश करने के लिये अधिकृत हैं। इस तरह रोज़ ही पेंच में कुल 99 जिप्सी प्रवेश करती हैं।

इस लिहाज़ से देखा जाये तो पेंच नेशनल पार्क में सबसे समृद्ध हिस्सा टुरिया का ही है। टुरिया क्षेत्र में जितने रिसॉर्ट हैं उनसे दो फीसदी रिसॉर्ट भी कर्माझिरी अथवा जमतरा वाले प्रवेश द्वार के आसपास नहीं हैं। मज़े की बात तो यह है कि जिले के किसी भी सांसद या विधायक का ध्यान इस ओर नहीं गया कि कर्माझिरी के प्रवेश द्वार को भी पर्यटकों की संख्या के लिहाज़ से समृद्ध बनाया जाये।

टुरिया ग्राम तक पहुँचना नागपुर के रास्ते बहुत ही आसान होता है पर सिवनी के रास्ते जाने वाले पर्यटकों के लिये कर्माझिरी का द्वारा सुलभ हो सकता है पर इसके लिये पेंच नेशनल पार्क प्रबंधन सहित जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को ईमानदारी से प्रयास करने की आवश्यकता है।

सुकतरा के समीप हवाई पट्टी भी है। अगर इस हवाई पट्टी पर छोटे विमानों की नियमित सेवाएं आरंभ करवा दी जायें तो निश्चित तौर पर महानगरों से आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद सुकतरा ही होगी। इसके साथ ही सुकतरा से कर्माझिरी का प्रवेश द्वारा ज्यादा दूर नहीं माना जा सकता है। कर्माझिरी के प्रवेश द्वार के पास पेंच नेशनल पार्क के क्षेत्र संचालक का निरीक्षण बंग्ला भी है।

सुकतरा हवाई पट्टी के आसपास सरकारी जमीन पर अगर एक संग्रहालय बनाया जा सकता है जिसमें सिवनी जिले के ऐतिहासिक, पुरातात्विक, सामरिक और धार्मिक महत्व की सामग्री को चित्रित किया जाये तो निश्चित तौर पर यह पर्यटकों के लिये आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

कर्माझिरी के प्रवेश द्वार से पर्यटकों को आकर्षित करने का काम अगर प्रशासन के द्वारा किया जाता है तो निश्चित तौर पर यह एक नवाचार होगा और जो भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि इस काम को अंजाम देगा सिवनी की जनता उसे सालों साल याद रखेगी। इसके लिये प्रशासन के द्वारा बकायदा कार्य योजना बनायी जाकर राजस्व की जमीन पर सुविधाओं के साथ रिसॉर्ट संचालकों को रिसॉर्ट के निर्माण के लिये प्रोत्साहित करना होगा। अगर ऐसा हुआ तो पेंच नेशनल पार्क में आने वाले पर्यटक कर्माझिरी के प्रवेश द्वार की ओर आकर्षित हो सकते हैं, जिससे उपेक्षित पड़े कर्माझिरी गेट के आसपास का क्षेत्र भी गुलज़ार हुए बिना नहीं रहेगा।