भालू के शिकारी गये जेल

 

 

फंदा लगाकर शिकार का किया था प्रयास

(जाहिद शेख)

कुरई (साई)। मंगलवार को पेंच टाईगर रिज़र्व के रूखड़ परिक्षेत्र के रजोला बीट के कक्ष क्रमाँक आरएफ 420 में गश्ती के दौरान वनग्राम नयेगाँव के खेतों से लगे जंगल में लेंटाना की झाड़ियों के बीच में एक नर व्यस्क भालू तार के फंदे में फंसा हुआ देखा गया था।

सूचना प्राप्त होने पर पेंच टाईगर रिज़र्व, सिवनी के क्षेत्र संचालक विक्रम सिंह परिहार के निर्देश पर तार के फंदे में फंसे भालू को वरिष्ठ वन्यप्राणी पशु चिकित्सक पेंच टाईगर रिज़र्व सिवनी डॉ.अखिलेश मिश्रा द्वारा रसायनिक निश्चेतन प्रक्रिया से भालू को बेहोश कर, कमर में लगे तार के फंदे को काटकर अलग किया गया तथा डॉ.मिश्रा के द्वारा भालू का स्वास्थ्य परीक्षण कर सामान्य पाये जाने पर प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया।

आये शिकारी पकड़ में : इस प्रकरण में वन अपराध दर्ज कर, जाँच प्रारंभ की गयी। जाँच के उपरांत बुधवार एवं गुरुवार को उक्त प्रकरण की विवेचना के दौरान नयेगाँव ग्राम के पाँच आरोपियों सुखचंद पिता झाडूलाल गोंड, श्याम लाल पिता झाडूलाल गोंड, श्याम लाल पिता चमरू गोंड, साबूलाल पिता चमरू गोंड एवं मेहतलाल पिता जौहर गोंड को गिरफ्तार कर, गुरूवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से इन सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

पेंच नेशनल पार्क के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस मामले में एक आरोपी के द्वारा भालू को पकड़ने का प्रयास किया गया, किन्तु भालू के द्वारा उसे जख्मी कर दिया गया था। उक्त आरोपी को उपचार के लिए 03 नवंबर को जिला अस्पताल ले जाया गया था।

यह कार्यवाही पेंच नेशनल पार्क के क्षेत्र संचालक विक्रम सिंह परिहार के निर्देशन एव उप संचालक एम.बी. सिरसैया, बी.पी. तिवारी, सहायक वन संरक्षक (सिवनी क्षेत्र) के मार्गदर्शन में शिव कुमार गूजर, परिक्षेत्र अधिकारी रूखड़ एवं पेंच टाईगर रिज़र्व के रेस्क्यू दल के सदस्यों के सहयोग से की गयी।