आगे-आगे पाठ, पीछे सपाट की तर्ज पर चल रहा प्रशासन!

 

 

महीना बीता, कलेक्टर के आदेश की हो रही नाफरमानी!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। जिले में प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमराती दिख रही हैं। आगे – आगे पाठ, पीछे सपाट की तर्ज पर प्रशासन के द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन हो भी रहा है अथवा नहीं, इसे देखने सुनने की फुर्सत किसी को भी नहीं दिख रही है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिये गये निर्देश की समय सीमा समाप्त होने के लगभग एक माह बाद भी हालात जस के तस ही नज़र आ रहे हैं।

ज्ञातव्य है कि 04 अक्टूबर को बालाघाट सांसद डॉ.ढाल सिंह बिसेन की अध्यक्षता में संपन्न हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा नगर पालिका परिषद को साफ तौर पर निर्देशित किया गया था कि छः दिन के अंदर शहर के सभी यातायात संकेतक (ट्रैफिक सिग्नल) चालू हो जाने चाहिये।

इतना ही नहीं शहर में घूम रहे आवारा मवेशियों को हटाने, श्वानों, गधों, सूअरों को भी शहर की सीमा से बाहर करने के निर्देश जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा बालाघाट सांसद डॉ.ढाल सिंह बिसेन की उपस्थिति में नगर पालिका को दिये गये थे, किन्तु लगभग एक माह बीतने के बाद भी नगर पालिका के द्वारा जिलाधिकारी के निर्देशों को अमली जामा पहनाने का प्रयास नहीं किया गया है।

इस बैठक में नेहरू रोड, गांधी भवन चौक, सर्किट हाऊस चौक, छिंदवाड़ा चौक पर लेफ्ट टर्न के लिये अस्थायी टर्न डिवाईडर लगाने के निर्देश भी दिये गये थे। इसके अलावा सर्किट हाउस से बाहुबली चौराहा तक सड़क को चौड़ा करने की बात भी कही गयी थी।

मजे की बात तो यह है कि जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा दिये गये निर्देशों के बाद बाहुबली चौराहा पर एक आवारा साण्ड के द्वारा जिला काँग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज कुमार खुराना के भान्जे एवं व्यवसायी उदित कपूर को उठाकर पटक दिया गया था, जिससे वे घायल हो गये थे और उनके सिर में तीन टांके भी लगे थे।

इसके उपरांत उसी आवारा साण्ड के द्वारा लगातार ही लोगों को घायल किया जा रहा है। इतना ही नहीं बीते दिनों पुलिस अधीक्षक निवास के पास इसी साण्ड के द्वारा पेंच के एक रिसॉर्ट में कार्यरत एक कर्मचारी को भी उठाकर पटक दिया गया था। आज भी यह साण्ड न केवल क्षेत्र में घूम रहा है वरन लोगों को डरा भी रहा है।

नगर पालिका परिषद के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि भाजपा शासित नगर पालिका परिषद में अधिकारियों के द्वारा काँग्रेस संगठन के पदाधिकारियों को भी शीशे में उतार लिया गया है जिसके चलते काँग्रेस के द्वारा भी भाजपा शासित नगर पालिका को इन सभी ज्वलंत मुद्दों पर घेरने का प्रयास नहीं किया जा रहा है।

जिलाधिकारी प्रवीण सिंह के द्वारा 04 अक्टूबर को छः दिनों के अंदर शहर के यातायात संकेतकों को आरंभ कराने के निर्देश दिये गये थे। बृहस्पतिवार को शहर में एक भी यातायात सिग्नल शाम के समय चालू नहीं दिखा, जिससे यही प्रतीत हो रहा है कि नगर पालिका परिषद को जिलाधिकारी के निर्देशों की ज्यादा परवाह नहीं रह गयी है।