एक शिक्षक सोते मिले तो दूसरे थे अवकाश पर!

 

 

शाला में चल रही अनियमितताओं को लेकर की शिकायत

(सादिक खान)

सिवनी (साई)। जिले में शिक्षा व्यवस्थाओं को एक बार फिर जंग लगता दिख रहा है। शिक्षा विभाग एवं आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों को बैठकों से फुर्सत नहीं है जिसके चलते जमीनी स्तर के निरीक्षण नहीं हो पा रहे हैं, इसका लाभ ग्रामीण अंचलों में पदस्थ शिक्षकों के द्वारा उठाया जा रहा है।

ताजा मामला कुरई के विजयपानी के शासकीय उन्नयन माध्यमिक शाला का है, जहाँ पर अभिभावक जब स्कूल पहुँचे तो एक शिक्षक कक्षा में सोता हुए पाया गया तो वहीं दूसरा शिक्षक बिना आवेदन दिये स्कूल से नदारद पाया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्यवाही की माँग करते हुए आवेदन सौंपा है।

यह है मामला : जिला कलेक्टर को सौंपे गये अपने ज्ञापन में ग्रामीणों ने जानकारी दी है कि वे पालक सिक्षक संघ के सदस्यों के साथ शाला प्रंबधन समिति की बैठक में हिस्सा लेने के लिये शासकीय उन्नयन माध्यमिक शाला विजयपानी गये हुए थे। बैठक के बाद जब कुछ ग्रामीण मिडिल स्कूल की कक्षा सातवीं की ओर गये तो वहाँ पर शिक्षक रामकृपाल तिवारी कक्षा में सोते हुए पाये गये। ऐसी स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने शिक्षक से इस संबंध में जब बात की तो शिक्षक ने अभिभावकों से अपशब्दों का प्रयोग किया।

स्कूल में सो रहे शिक्षक के बाद जब ग्रामीणों ने स्कूल के दूसरे शिक्षकों की जानकारी ली तो पता चला कि स्कूल के एक दूसरे शिक्षक, स्कूल में बिना पूर्व सूचना के नदारद हैं और स्कूल के उपस्थिति पंजी में उनके हस्ताक्षर हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि इस स्कूल में पहले से ही कई तरह की अनियमितताएं की जा रही हैं। ग्रामीणों ने माँग की है कि स्कूल से इन दोषी शिक्षकों को अविलंब हटाया जाये और उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की अनियमितताओं से स्कूल में पढ़ने वाले उनके बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है।

ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है. यदि शिक्षकों ने लापरवाही की है तो जाँच के बाद आवश्यक कार्यवाही की जायेगी.

सत्येन्द्र मरकाम,

सहायक आयुक्त,

जनजातीय कार्य विभाग.